Varanasi News: एक साथ 4 की हत्या करने वाले को सजा-ए-मौत, 12 साल बाद मिला न्याय

Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति, पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या के दोषी पाए गए रविंद्र उर्फ राजू पटेल को सजा-ए-मौत सुनाई गई है। इस जघन्य हत्याकांड ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को झकझोर कर रख दिया था और अब 12 साल 4 महीने बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी को कठोर दंड दिया है।

लोहे की रॉड से किया था हमला

मामले के अनुसार, रविंद्र उर्फ राजू पटेल ने लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार कर मोहन प्रसाद जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम उर्फ झूना जायसवाल, बेटे प्रदीप और बेटी पूजा की हत्या कर दी थी। यह वारदात बेहद क्रूर तरीके से अंजाम दी गई थी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहन प्रसाद जायसवाल ने आरोपी को अपने घर के पास शराब पीने, जुआ खेलने और मांसाहार बनाने से मना किया था और इसकी शिकायत उसके पिता से की थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।

अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

वाराणसी के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने रविंद्र को चार हत्याओं का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से एडीजीसी रोहित मौर्य और अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की।

एक-एक कर पूरे परिवार पर किया हमला

अभियोजन के अनुसार, 29 अक्टूबर 2013 को चोलापुर थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में बताया गया कि मोहन जायसवाल अपने परिवार के साथ चंद्रपुर गांव में रहते थे। घटना वाली रात जब वह मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में बाथरूम जाने के लिए आंगन में निकले, तभी आरोपी उनके सामने आ गया और उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।

मोहन जायसवाल की चीख सुनकर उनका बेटा संदीप बाहर आया, लेकिन आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया। इसके बाद रविंद्र ने एक के बाद एक पूरे परिवार पर वार किया और चार लोगों की हत्या कर दी। इस हमले में संदीप और आरती गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

चश्मदीद गवाहों की गवाही बनी आधार

वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इस मामले में संदीप और आरती ही चश्मदीद गवाह बचे थे, जिनकी गवाही और पहचान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। अंततः बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा दी, जिससे इस लंबे समय से चले आ रहे मामले में न्याय मिल सका।

 

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