सिपाही के आरोपों के बाद गणना कार्यालय से हटाए गए 12 पुलिसकर्मी, अब सॉफ्टवेयर तय करेगा ड्यूटी
Lucknow News: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात सिपाही सुनील शुक्ला द्वारा ड्यूटी के नाम पर वसूली के आरोपों ने विभाग के भीतर बड़ी हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को इस मामले में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए गणना कार्यालय में तैनात एक दरोगा और दो मुख्य आरक्षी सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि मामले की चल रही जांच प्रभावित न हो।
वसूली के आरोपों पर कड़ा एक्शन
सिपाही सुनील शुक्ला ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में सनसनीखेज आरोप लगाया था कि पुलिस लाइन में गार्ड ड्यूटी लगाने के नाम पर हर सिपाही से 2000 रुपये तक वसूले जाते हैं। उन्होंने दावा किया था कि यह पैसा एक व्यवस्थित चैन सिस्टम के जरिए ऊपर तक पहुँचता है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने त्वरित जांच बैठाई और अब अधिकारियों की नई तैनाती कर पारदर्शिता लाने की कोशिश की जा रही है।
अब कंप्यूटर लगाएगा ड्यूटी
इस विवाद के बाद लखनऊ पुलिस ने पूरी प्रणाली को बदलने का निर्णय लिया है। अब गणना कार्यालय में कंप्यूटरीकृत सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली लागू की जाएगी। ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे सेटिंग और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना खत्म हो जाएगी। सुनील शुक्ला ने भ्रष्टाचार और शोषण के जो गंभीर आरोप लगाए थे, उसे देखते हुए विभाग अब तकनीक के सहारे व्यवस्था में सुधार कर रहा है।
लखनऊ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच समिति में उन अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है जो सीधे तौर पर पुलिस लाइन का पर्यवेक्षण करते हैं, ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। सिपाही द्वारा घर पर दबिश देने के आरोपों पर पुलिस ने पुनः दोहराया है कि टीम केवल नोटिस देने गई थी। फिलहाल, 12 कर्मियों के हटाए जाने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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