Gonda News: चौकी पर फरियाद लेकर गयी तो पति का ही कर दिया चालान, पीड़िता ने एसपी से लगाई गुहार
Sandesh Wahak Digital Desk: योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का दम भरती है, लेकिन जिले के नवाबगंज थाने की सरयू घाट चौकी प्रभारी शासन-प्रशासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। आरोप है कि फरियाद लेकर अपने पति के साथ चौकी पर गयी महिला को दरोगा ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए भगा दिया और उसके पति को जबरदस्ती बैठा लिया। इतना ही नहीं, उसके खिलाफ एनसीआर दर्ज करते हुए उसका चालान भी कर दिया गया।

सरयूघाट चौकी प्रभारी पर महिला को अभद्र भाषा का प्रयोग कर भगाने का आरोप
गोण्डा जिले के नवाबगंज थाना की सरयू घाट चौकी क्षेत्र अंतर्गत लोलपुर निवासिनी आशा तिवारी पत्नी सतीश कुमार तिवारी ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें कहा कि 02.05.2025 को पूर्वाह्न करीब 11 बजे वह अपने पति व बच्चों के साथ लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर स्थित अपने घर पर थी। उसके घर के सामने अमन सिंह पुत्र विनय सिंह निवासी ग्राम भदोही, थाना छावनी जनपद बस्ती ड्राइवर व चार अज्ञात लोगों के साथ जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे और बल पूर्वक उसके घर के सहन की भूमि अनधिकृत रूप से खोदवाकर सड़क की पटाई कराने लगे।
पीड़िता के पति के साथ की मारपीट
महिला के पति सतीश ने जब विरोध किया तो आरोपी उसे भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जान से मार डालने के इरादे से बेरहमी से मारने-पीटने लगे। पीड़ित महिला का आरोप है कि उसने जब इसका विरोध किया तो आरोपी अमन सिंह तथा उसके साथियों ने उसे भी मारा-पीटा। आरोप है कि उसका कपड़ा फाड़ दिया। पति-पत्नी जान बचाकर घर के अंदर चले गए तो आरोपी भी घर में घुस गए और घर के अंदर भी महिला को मारा-पीटा, अश्लील हरकत की तथा घर में रखे सामानों को नष्ट कर दिया। इस बीच पीड़िता ने 112 पर फोन कर दिया। कुछ ही देर में पीआरवी की टीम वहां पहुंच गयी। इस बीच मौका पाकर आरोपी भाग गए।
पीड़िता का कहना है कि डायल 112 टीम के कहने पर वह पति के साथ सरयूघाट पुलिस चौकी पर गयी और प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि चौकी प्रभारी संजीव सिंह ने उसकी सुनवाई करने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वहां से भगा दिया और उसके पति सतीश तिवारी को जबरदस्ती बैठा लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय नवाबगंज पुलिस द्वारा पीड़ित महिला के पति के विरूद्ध ही एनसीआर दर्ज करते हुए उसका चालान कर दिया गया। पीड़िता ने बताया कि इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पैरवी में गये प्रधान प्रतिनिधि को भी बना दिया आरोपी
लोलपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गौरव सिंह एडवोकेट का कहना है कि सतीश तिवारी की पत्नी आशा तिवारी ने उन्हें फोन करके बताया कि चौकी प्रभारी संजीव सिंह ने उसके पति को हवालात में बंद कर दिया है और मारने-पीटने के आरोपी ठेकेदार व उसके गुर्गों पर कार्रवाई न कर उसका ही चालान कर रहे हैं। इस पर वह सरयूघाट चौकी पर पहुंचे और दरोगा संजीव सिंह से कहा कि पीड़ित को ही आप लॉकअप में बंद कर दिए। आरोपी बाहर हैं, उन पर कार्रवाई कीजिए और मौके की जांच कर इंसाफ कीजिए, लेकिन दरोगा ने एक न सुनी और सतीश तिवारी को थाने पर भेज दिया और कहा कि प्रधान जी आप जाइए। ज्यादा नेतागिरी मत करिए। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित सतीश तिवारी के साथ ही गौरव सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया है।
क्या कहते हैं नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह?
इस पूरे प्रकरण के संबंध में नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह का कहना है कि प्रधान के खिलाफ तीन दिन पहले मुकदमा लिखा है। जो नेशनल हाईवे के किनारे जेसीबी से मिट्टी पटाई का काम कर रहे थे, उनको प्रधान ने खड़े होकर पिटवाया है। कहा कि यहां से मिट्टी खोदाई क्यों कर रहे हो। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें प्रधान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महिला को पीटने या भगाने का आरोप गलत है। हमारी जांच में ऐसी कहीं कोई बात प्रकाश में नहीं आई है। महिला के पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बारे में पूछने पर थानाध्यक्ष ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि उन्हें सबका नाम नहीं याद है लेकिन चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
Also Read: ‘राफेल पर बंधी नींबू-मिर्च’ वाले बयान पर घिरे अजय राय, बीजेपी बोली- निम्न-स्तरीय…

