सिद्धार्थनगर: ‘सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व’ की मिसाल, SSB जवानों ने सड़क पर तड़पती महिला की बचाई जान

Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 43वीं वाहिनी के जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे न केवल सरहदों के रखवाले हैं, बल्कि आम जनता के संकटमोचक भी हैं। वाहिनी मुख्यालय के गेट के पास सड़क पर गिरकर अचेत हुई एक महिला को एसएसबी जवानों ने न केवल प्राथमिक उपचार दिया, बल्कि अपनी एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाकर मानवता की नई मिसाल पेश की।

शादी में जाते समय अचानक हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, एक दंपत्ति सिद्धार्थनगर से जोगिया की ओर एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी महिला को अचानक चक्कर आ गया, जिससे वह अपना संतुलन खो बैठी। वाहिनी मुख्यालय के मुख्य द्वार के पास वह चलती बाइक से सड़क पर गिर गई। सिर में गंभीर चोट आने के कारण महिला मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गई।

सिद्धार्थनगर: 'सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व' की मिसाल, SSB जवानों ने सड़क पर तड़पती महिला की बचाई जान

एसएसबी जवानों की सतर्कता ने बचाई जान

मुख्य द्वार पर तैनात 43वीं वाहिनी के सतर्क कार्मिकों ने जैसे ही हादसा देखा, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। महिला की हालत गंभीर देख जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और वाहिनी की एम्बुलेंस बुलाई। बिना किसी देरी के घायल महिला को सुरक्षित रूप से उठाकर जिला चिकित्सालय, सिद्धार्थनगर पहुंचाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी।

जनता की सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध 43वीं वाहिनी

यह पहली बार नहीं है जब 43वीं वाहिनी एसएसबी ने इस तरह का मानवीय कार्य किया हो। आपदा हो या सड़क दुर्घटना, बल के जवान हमेशा त्वरित प्रतिक्रिया देते रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर एसएसबी की ‘मित्र बल’ वाली छवि को जनता के बीच और अधिक सुदृढ़ किया है। ग्रामीणों और राहगीरों ने जवानों की इस तत्परता की जमकर सराहना की है।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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