Gonda News: आईजी के हाथों सम्मानित होने के बाद हटाए गए कहोबा चौकी प्रभारी!
Sandesh Wahak Digital Desk/A.R.Usmani: मुंबई से लौटा एक परिवार ऑटो से सादुल्लाहनगर जा रहा था। इस बीच बाइक सवार युवकों द्वारा शहर से ही पीछा किया गया। किसी अनहोनी की आशंका होने पर टेम्पो को कहोबा चौकी पर जबरन रोक लिया गया। वहां मौजूद चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुमार शुक्ल ने अपने दो हमराही आरक्षियों के साथ जिस सूझबूझ, तत्परता और साहस का काम किया, उसके लिए निश्चित रूप से उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक ने न सिर्फ शाबाशी दी बल्कि प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया, लेकिन यह सम्मान उन्हें भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा चौकी प्रभारी का पद छीनकर परसपुर थाने में तैनात कर दिया गया है।

रात में आटो का पीछा कर रहे थे संदिग्ध युवक
बताते चलें कि बीते 20 अप्रैल की देर रात अपने पति, देवर व बेटियों के साथ मुंबई से लौटी बलरामपुर जिले के सादुल्लाहनगर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने अपने घर जाने के लिए रोडवेज बस स्टैंड पर एक ऑटो बुक कराया, जिस पर सवार होकर पूरा परिवार सादुल्लाहनगर के लिए रवाना हुआ। रोडवेज बस स्टैंड से ही बाइक सवार तीन संदिग्ध युवक आटो के पीछे लग गये थे। इसका आभास होने पर महिला ने आटो चालक से बार-बार पूछा कि आखिर उसका पीछा कर रहे बाइक सवार युवक कौन हैं, लेकिन ड्राइवर ने कोई जवाब नहीं दिया।

इस पर महिला, उसका पति, देवर व बेटियां किसी अनहोनी से डर गये। आटो जब दर्जीकुआं से मनकापुर रोड पर चला तो इस परिवार की किसी अनहोनी को लेकर चिंता बढ़ने लगी। इस दौरान आटो मोतीगंज थाने की कहोबा चौकी के पास पहुंचा तो महिला ने सूझ-बूझ से काम लेते हुए आवाज लगा दी। इस पर वहां मौजूद चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुमार शुक्ल अपने हमराही आरक्षी रमेश यादव व सचिन कुमार के साथ तुरंत हरकत में आ गए और त्वरित कार्रवाई करते हुए हमराही संग बाइक सवार युवकों का पीछा किए। इस पर तीनों युवक बाइक छोड़कर भाग गए।

महिला ने पुलिस से मांगी थी मदद
महिला की सूझ-बूझ तथा कहोबा चौकी प्रभारी वीरेंद्र शुक्ल की तत्परता एवं साहस से बड़ी घटना होने से बच गयी। कहोबा पुलिस द्वारा महिला एवं उसके परिजनों को सकुशल प्राइवेट वाहन से उनके घर भेजा गया। इसकी जानकारी जब देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक को हुई तो उन्होंने कहोबा चौकी प्रभारी वीरेंद्र शुक्ल को शाबाशी दी। अपने दरोगा द्वारा किए गए उपरोक्त कार्य की उन्होंने भूरि-भूरि प्रशंसा की। चौकी प्रभारी वीरेंद्र शुक्ल को बुलाया और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

आईजी अमित पाठक ने कहा कि ‘आपसे अपेक्षा की जाती है कि भविष्य में भी इसी प्रकार से सहयोग पुलिस विभाग एवं आम जनमानस को प्राप्त होता रहेगा और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते रहेंगे।’ आईजी अमित पाठक द्वारा सम्मानित किए जाने के एक सप्ताह बाद ही चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुमार शुक्ल पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की गाज गिर गयी। उन्हें कहोबा से हटाकर परसपुर थाने पर भेज दिया गया और इटियाथोक थाने की भवनियापुर खुर्द चौकी प्रभारी रहे विवेक कुमार मौर्य को कहोबा चौकी की कमान सौंप दी गयी।

प्रभारी निरीक्षक से अनबन तो नहीं है तबादले की वजह?
कहोबा चौकी प्रभारी वीरेंद्र शुक्ल के साहसी कार्य की क्षेत्र में भी खूब सराहना की गयी। लोगों द्वारा उन्हें तथा हमराही आरक्षियों को आईजी अमित पाठक द्वारा सम्मानित किए जाने पर खूब बधाइयां दी गयीं। सोशल मीडिया पर भी खूब बधाई का सिलसिला चला, लेकिन अचानक उनके तबादले से अब क्षेत्रीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि चौकी प्रभारी वीरेंद्र शुक्ल से मोतीगंज थाने की प्रभारी निरीक्षक अनीता यादव की अनबन चल रही थी। दोनों लोगों में तालमेल नहीं बैठ रहा था। विभागीय सूत्र यहां तक बताते हैं कि जिस मामले में आईजी द्वारा वीरेन्द्र शुक्ल को सम्मानित किया गया, उसका सारा श्रेय प्रभारी निरीक्षक अनीता यादव स्वयं लेना चाहती थीं। वीरेंद्र शुक्ल के तबादले को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। वैसे इलाके में भी यही जनचर्चा है।
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