Bengaluru Stampede: RCB के घरेलू मैचों पर लगेगी रोक! कर्नाटक सरकार ने दिया आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को बड़ा झटका लगा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने स्टेडियम में हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने के बाद जांच आयोग ने यहां बड़े आयोजनों पर रोक लगाने की सिफारिश की है।
अगर यह फैसला लागू होता है तो इसका सबसे बड़ा असर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) पर पड़ेगा, जो अब अपने घरेलू मैदान में कोई IPL मैच नहीं खेल सकेगी।

भगदड़ के बाद जांच रिपोर्ट में गंभीर आरोप
यह निर्णय जस्टिस माइकल डीकुन्हा की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसे 24 जुलाई को कर्नाटक कैबिनेट द्वारा मंजूरी दे दी गई।
रिपोर्ट में RCB, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को भगदड़ के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण 4 जून को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई।
सरकार की सख्ती: RCB और KSCA पर मुकदमा तय
कर्नाटक सरकार ने रिपोर्ट स्वीकार करते हुए RCB और KSCA के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मंजूरी भी दे दी है।
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, यह पहला मौका होगा जब किसी IPL फ्रेंचाइज़ी और राज्य क्रिकेट संघ के खिलाफ इस स्तर की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
क्या अब RCB घर में नहीं खेलेगी?
हालांकि चुनाव आयोग और BCCI की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर रिपोर्ट की सिफारिशों पर अमल हुआ तो चिन्नास्वामी स्टेडियम IPL 2026 के लिए अनुपयुक्त माना जाएगा।
इससे RCB को बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि टीम को अब अपने घरेलू मैच किसी दूसरे शहर या राज्य में खेलने पड़ सकते हैं।
क्या हुआ था उस दिन?
RCB ने 3 जून 2025 को IPL फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला खिताब जीता था। अगले दिन 4 जून को बेंगलुरु लौटने पर टीम के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में विजय समारोह आयोजित किया गया था।
लेकिन, उत्सव के दौरान अतिसंवेदनशील भीड़ नियंत्रण और टिकटिंग अव्यवस्था के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत और करीब 50 लोग घायल हो गए।
इस दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने 5 जून को एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था, जिसने एक महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार कर दी।
BCCI की भूमिका पर भी उठे सवाल
हालांकि, यह मामला राज्य स्तर पर है, लेकिन क्रिकेट प्रशंसकों और विश्लेषकों का मानना है कि अब BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) को भी इस रिपोर्ट पर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
IPL जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में यदि ऐसी लापरवाही साबित होती है, तो इससे न केवल देश की छवि को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट की संरचना पर भी सवाल उठेंगे।

