गोवा भूमि घोटाला, ED ने रोहन हरमलकर गैंग की 212 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पणजी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने गोवा में 212.85 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है, और इसका संबंध रोहन हरमलकर और उसके सहयोगियों के नेतृत्व में एक संगठित आपराधिक गिरोह द्वारा किए गए भूमि हड़पने और जालसाजी की व्यापक साजिश से है।
ED ने बुधवार को एक बयान में बताया कि 28 जुलाई को गोवा के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थित इन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।
क्या है पूरा मामला
ED के मुताबिक, इस जांच की शुरुआत गोवा पुलिस द्वारा दर्ज की गई दो प्राथमिकियों (FIRs) के आधार पर हुई थी। ये FIR रोहन हरमलकर और अन्य आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने और नकली दस्तावेजों के जरिए उत्तर गोवा में जमीन के टुकड़े धोखे से हड़पने के आरोपों में दर्ज की गई थीं।
ED की जांच में पता चला है कि रोहन हरमलकर ने अलकांट्रो डिसूजा और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इस षड्यंत्र के तहत अंजुना, रेवोरा, नडोरा, कैमुरलिम, पर्रा, और बारदेज तालुका व मापुसा शहर, गोवा के आसपास के अन्य क्षेत्रों में स्थित उच्च मूल्य की संपत्तियों को हड़पने की साजिश रची गई थी।
नकली दस्तावेजों से करोड़ों की अपराध की कमाई
PMLA जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कीमती अचल संपत्तियों पर झूठा मालिकाना हक जताने के लिए नकली वंशावली रिकॉर्ड, फर्जी बिक्री विलेख, जाली वसीयत, बदली गई इन्वेंट्री कार्यवाहियां और अन्य नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके जरिए वे इन संपत्तियों को वैध दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इस तरह उन्होंने बड़ी मात्रा में अपराध की कमाई (POC – Proceeds of Crime) उत्पन्न की, जिसे PMLA की धारा 2(1)(यू) के तहत परिभाषित किया गया है।
अपराध से कमाई गई रकम (POC) का एक हिस्सा सीधे रोहन हरमलकर, अलकांट्रो डिसूजा और अन्य आरोपियों को मिला। बाद में इस रकम को उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के बैंक खातों के जरिए घुमाया गया, ताकि काले धन को सफेद किया जा सके। ED के अनुसार, अब तक 212.85 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कई अचल संपत्तियां, जो सीधे POC का हिस्सा हैं, उनकी पहचान की गई है और PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।
ED ने बताया कि बाकी POC का पता लगाने और उसे कुर्क करने के प्रयास जारी हैं ताकि धन शोधन के पूरे दायरे का खुलासा किया जा सके। मुख्य आरोपी रोहन हरमलकर को जून में PMLA, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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