Kushinagar News: IGRS और CM हेल्पलाइन पर लापरवाही पड़ी भारी, 15 अधिकारियों का रोका गया वेतन
Sandesh Wahak Digital Desk: जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने पर कुशीनगर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बड़ा कदम उठाते हुए जिले के 15 वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया है। साथ ही एक अधिकारी से जवाब-तलब भी किया गया है।
डीएम ने साफ कहा है कि आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की प्राथमिकता में शामिल इन शिकायतों के ससमय और गुणवत्तापूर्ण समाधान की जिम्मेदारी अफसरों की है, लेकिन बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद लापरवाही की घटनाएं सामने आ रही हैं।
किस वजह से हुई कार्रवाई?
जुलाई महीने की 1 से 22 तारीख तक की रिपोर्ट में पाया गया कि कई शिकायतों का समाधान या तो समय से नहीं हुआ या फिर समाधान इतना कमजोर रहा कि शिकायतकर्ताओं ने फीडबैक कॉल पर असंतोष जाहिर किया। शासन स्तर पर फोन कॉल के ज़रिए शिकायतकर्ताओं से संतोषजनक फीडबैक लिया जाता है, जो इस मामले में नकारात्मक रहा।
डीएम ने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शासनादेश की अवहेलना को दर्शाती है। अफसरों से न केवल गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अपेक्षित था, बल्कि उनसे मांगा गया स्पष्टीकरण तक नहीं मिला।
जिन अधिकारियों का वेतन बाधित किया गया:
- अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण, पडरौना
- जिला पंचायत राज अधिकारी
- जिला कार्यक्रम अधिकारी
- अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग
- अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड द्वितीय
- जिला विकास अधिकारी
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
- तहसीलदार, कप्तानगंज
- तहसीलदार, कसया
- तहसीलदार, खड्डा
- तहसीलदार, हाटा
- उपजिलाधिकारी, तमकुहीराज
- उपजिलाधिकारी, पडरौना
- उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज
- उपजिलाधिकारी, हाटा
इन सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
डीएम का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि कुशीनगर प्रशासन में लापरवाही और शिथिलता के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। जनता की शिकायतों का समाधान अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक उत्तरदायित्व है। शासन और प्रशासन का भरोसा तभी बना रह सकता है जब जिम्मेदार अधिकारी तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण काम करें।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल।
Also Read: Siddharthnagar News: ज्ञान का आदर्श केंद्र बन रहा है जिला पुस्तकालय, नीति आयोग की टीम हुई प्रभावित

