मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही: डिस्चार्ज होने वाले मरीज को ऑपरेशन टेबल पर ले गए, दो डॉक्टर समेत पांच निलंबित

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। ऑपरेशन के लिए गलत मरीज को ले जाने के आरोप में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के निर्देश पर दो डॉक्टरों और तीन नर्सों को निलंबित कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति भी बनाई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या था पूरा मामला

माधौगढ़ के डिकोली निवासी बृजेश चौधरी को पेट दर्द की शिकायत थी। वह जांच के लिए मेडिकल कॉलेज आए थे, जहां डॉक्टरों ने उनकी आंतों में सूजन बताई और 28 जुलाई को सर्जरी वार्ड में भर्ती कर लिया। उन्हें अगले दिन सुबह छुट्टी देने की बात कही गई थी।

लेकिन 29 जुलाई की सुबह अस्पताल के कर्मचारी बृजेश को ऑपरेशन थिएटर में ले जाने लगे। जब बृजेश ने इसका कारण पूछा, तो स्टाफ ने बताया कि उनकी सर्जरी होनी है। इस पर बृजेश ने कहा कि डॉक्टर ने तो उन्हें छुट्टी देने के लिए कहा था। इसके बावजूद, स्टाफ ने उनकी बात नहीं सुनी और जबरदस्ती उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर दो इंजेक्शन लगा दिए। घबराकर बृजेश किसी तरह वहां से भाग निकले।

उपमुख्यमंत्री का सख्त एक्शन

यह मामला सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी और फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. पुनीत अवस्थी की एक समिति बनाई गई।

शुरुआती जांच में पांच लोगों की लापरवाही सामने आई। इसके बाद प्रधानाचार्य ने सहायक आचार्य सर्जरी डॉ. सुधांशु शर्मा, सीनियर रेजिडेंट डॉ. विशाल त्यागी, और तीन नर्स ऊषा देवी, आम्रपाली एस. लाल और स्नेहप्रभा को निलंबित कर दिया है। ये सभी अब प्रधानाचार्य कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।

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