Ayodhya News: अवध विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय के बीच अनुसंधान सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर

Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मिलकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच जलवायु और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इसे पर्यावरणीय और कृषि से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में एक अहम पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण विज्ञान, कृषि मौसम विज्ञान और टिकाऊ कृषि विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करना है।

क्या हैं इस समझौते के मुख्य बिंदु?

यह एमओयू दोनों संस्थानों के बीच कई स्तरों पर सहयोग सुनिश्चित करेगा:

  • अनुसंधान और डेटा: शोधार्थियों को सूक्ष्म जलवायु मॉडलिंग, वायु प्रदूषण निगरानी, कार्बन अवशोषण और मौसम पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में डेटा इकट्ठा करने की सुविधा मिलेगी।
  • शैक्षणिक सहयोग: छात्रों को इंटर्नशिप, फील्ड ट्रेनिंग और पोस्ट ग्रेजुएट शोध में संयुक्त मार्गदर्शन मिलेगा।
  • संसाधन साझा करना: दोनों संस्थान मौसम संबंधी डेटा, प्रयोगशालाएं, जीआईएस उपकरण और सिमुलेशन मॉडल जैसे संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।
  • जागरूकता और शिक्षा: सेमिनार, कार्यशालाएं, सम्मेलन, सर्टिफिकेट कोर्स और समर/विंटर स्कूल जैसे कार्यक्रमों के जरिए जलवायु और कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इस सहयोग को भविष्य के लिए एक ‘परिवर्तनकारी’ कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों की क्षमताओं को जोड़ेगा और हरित भविष्य की दिशा में नवाचार को बढ़ावा देगा।
यह समझौता अगले पाँच वर्षों तक वैध रहेगा और इसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।

इस समझौते के तहत जो भी बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) विकसित होगी, उस पर दोनों संस्थानों का संयुक्त स्वामित्व रहेगा। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षक, अधिकारी और छात्र भी मौजूद रहे।

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