जात-पात और भेदभाव ने देश को गुलामी की ओर धकेला: CM योगी
Sandesh Wahak Digital Desk: लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित कबीरधाम में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) पहुंचे, जहां उन्होंने संत कबीरदास की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए समाज में एकजुटता और समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कबीरदास ने जातीयता पर प्रहार किया और कहा था कि, जात-पात पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होइ। सीएम योगी ने बताया कि जाति और भेदभाव ने देश को गुलामी की ओर धकेला, जबकि संतों ने हमेशा समाज को इन विसंगतियों से ऊपर उठने की सीख दी।
समय रहते इलाज जरूरी
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि आज भी समाज में आस्था और भारतीयता पर प्रहार करने की साजिशें की जा रही हैं। कुछ टिप्पणियां भारत के मूल संस्कारों और एकता की भावना को कमजोर करने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा, अगर समाज में कोई बीमारी है, तो उसका समय रहते इलाज जरूरी है। विसंगतियां और बुराइयां संतों की वाणी से ही दूर की जा सकती हैं।
सीएम योगी (CM Yogi) ने देश की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व कर रहा है। उन्होंने कहा, एक समय था जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर का सपना अधूरा लगता था, लेकिन जब देश ने एकजुटता दिखाई तो वही असंभव संभव हो गया। आज अयोध्या की वही भूमि छह करोड़ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुकी है।

भारत ने हासिल की खोई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी खोई हुई पहचान फिर हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा, अमेरिका, चीन और भारत, यही तीन देश आगे रहेंगे, बाकी पीछे छूट जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना से 50 करोड़ लोग लाभान्वित हो चुके हैं। रसोई गैस, शौचालय और सरकारी राशन जैसी योजनाएं देश के गरीब वर्ग के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही हैं। वहीं कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने संतों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, जब समाज एकजुट होता है, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

