Balrampur News: 35 साल से वोट डाल रहे ग्रामीणों के नाम कटे, नाबालिग लोगों के नाम हुए मतदाता सूची में शामिल

Balrampur News: एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है और इसे अप्रैल तक संपन्न करवा कर ग्रामीण सरकार बनवाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा करवाए जा रहे मतदाता पुनरक्षण कार्यक्रम में कहीं न कहीं गड़बड़ियां भी सामने आ रही हैं। जिस कारण से आम जनमानस में नाम कट जाने और वोट न डाल पाने का डर है। तो चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए कुछ बीएलओ के द्वारा अपने-अपने चहेतों का नाम बढ़ाया जा रहा है और दूसरे लोगों का नाम मृतक सूची में डालकर काटा जा रहा है।

कुछ ऐसा ही मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड हरैया सतघरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर खैरानिया से सामने आया है। यहां पर पंचायत चुनावों के लिए बनाए जा रहे मतदाता सूची बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। इसके साथ ही फ़र्ज़ी नामों की बढ़ोतरी और जीवित लोगों का नाम काटने की शिकायत हुई है। मामला हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच तक भी पहुंच गया है। इसके संबंध में जब पूर्व प्रधान द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की गई तो उसमें जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला किसी मामूली लापरवाही का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से खुले खिलवाड़ का संकेत देता है।

Balrampur Voter List Fraud

जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत की मतदाता सूची और विलोपन सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि मृत व्यक्तियों को जीवित दर्शाया गया, जबकि जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर सूची से बाहर कर दिया गया। यही नहीं, मतदाता सूची में सैकड़ों नामों के साथ छेड़छाड़ की गई, कहीं क्रमांक बदले गए तो कहीं नामों में हेरफेर की गई।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 420 नाबालिगों व अन्य के नाम मतदाता सूची में जोड़ दिए गए, जो सीधे-सीधे चुनावी कानूनों का उल्लंघन है। जांच में यह भी सामने आया है कि ऐसे कई ग्रामीण, जो पिछले 30–35 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और नियमित रूप से मतदान करते आए हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। रिपोर्ट में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की भूमिका को संदेह के घेरे में बताया गया है।

Balrampur Voter List Fraud

शिकायतकर्ता व गांव की पूर्व प्रधान रह चुकी नीलम श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र पर सीधा हमला करार देते हुए कहा, “यह केवल कागजी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि मतदाता सूची से सुनियोजित तरीके से छेड़छाड़ की गई है। वर्षों से गांव में रहने वाले लोगों के नाम काट दिए गए और नाबालिगों को मतदाता बना दिया गया। बिना उच्चस्तरीय मिलीभगत के ऐसा संभव नहीं है। मैं मांग करती हूं कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह सब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रिंकू द्विवेदी के इशारे पर बीएलओ व रिश्ते में उनकी भाभी लगने वाली रमा द्विवेदी के द्वारा किया गया है।”

Balrampur Voter List Fraud

हालांकि, इतने गंभीर आरोपों और जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे आमजन में आक्रोश और अविश्वास का माहौल बनता जा रहा है। साथ ही मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर अब तक आरोपी बीएलओ के ऊपर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। मामले को लेकर नीलम श्रीवास्तव हाईकोर्ट तक गई हैं, जहां पर हाईकोर्ट ने आदेश किया है कि पुनरक्षित मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम काटे गए हैं उन्हें जांच कर दोबारा सही किया जाए, इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष बनाया जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामलों से न सिर्फ चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें भी कमजोर होंगी। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या यह रिपोर्ट भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।

रिपोर्ट- योगेंद्र त्रिपाठी

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