एसएसबी की नई पहल: सीमावर्ती युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 6 वोकेशनल कोर्स शुरू
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 50वीं वाहिनी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। ‘नागरिक कल्याण कार्यक्रम’ के तहत 30 दिसंबर 2025 को समवाय त्रिलोकपुर परिसर में विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भव्य शुभारंभ किया गया।

सिलाई से कंप्यूटर तक: इन 6 क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों के 150 युवक-युवतियों को उनकी रुचि के अनुसार आधुनिक तकनीकी ज्ञान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं:
सिलाई (Tailoring)
ब्यूटीशियन (Beautician)
बेसिक कंप्यूटर एवं नेटवर्किंग
वेल्डिंग (Welding)
प्लंबिंग (Plumbing)
मोटर वाइंडिंग (Motor Winding)
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता
एसएसबी के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का प्राथमिक लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) प्रदान करना है। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि वे प्रशिक्षण के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू कर स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर सकेंगे।
उद्घाटन समारोह में एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी उप कमांडेंट मुकेश कुमार गुर्जर, सहायक कमांडेंट जाधव भूषण भरत राव, इंस्पेक्टर कुणाल कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि नगर पालिका पचपेड़वा के चेयरमैन रवी वर्मा, पूर्व प्रधान गुड्डू (विजुवा कला) भी शामिल हुए। ‘वन डेवलपमेंट फाउंडेशन’ के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा युवाओं को बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
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