Varanasi News: सारनाथ पुलिस का बड़ा खुलासा, नशा मुक्ति केंद्र में मारपीट से हुई थी युवक की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र के बुद्धा सिटी कॉलोनी में संचालित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
पुलिस ने इस मामले में केंद्र के संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से मारपीट में इस्तेमाल किए गए दो पाइप भी बरामद किए गए हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में
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युवराज सिंह (निवासी: विशुनपुर कला, चंदौली) – नशा मुक्ति केंद्र का संचालक,
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कुमार सौरभ (निवासी: नोखा, रोहतास, बिहार),
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जितेंद्र गुप्ता (निवासी: सील नगर कॉलोनी, भेलूपुर, वाराणसी) शामिल हैं।
पूछताछ में संचालक युवराज सिंह ने स्वीकार किया कि नशा मुक्ति केंद्र का संचालन वही करता है और कुमार सौरभ व जितेंद्र गुप्ता वहां कर्मचारी हैं। उसने बताया कि केंद्र में भर्ती लोगों को नशा छुड़ाने के नाम पर शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं।
मारपीट से हुई आदित्य की मौत
पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर को अशोक पुरम कॉलोनी, मीरापुर बसही निवासी आदित्य गोस्वामी को उसकी मां प्रतिभा देवी ने शराब की लत छुड़ाने के लिए उक्त नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
आरोप है कि आदित्य को “सुधारने” के नाम पर लगातार प्रताड़ित किया गया। इसी दौरान आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई।
हार्ट अटैक बताकर किया गुमराह
आरोपियों ने 2 जनवरी को परिजनों को आदित्य की तबीयत बिगड़ने और हार्ट अटैक आने की सूचना दी। जब उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नशा मुक्ति केंद्र का संचालक शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की मां प्रतिभा देवी की तहरीर पर सारनाथ थाने में हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो पाइप बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नशा मुक्ति केंद्र की वैधता व अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।
रिपोर्ट- संतोष पांडेय
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