मुंबई में BCCI की सीक्रेट मीटिंग, VVS लक्ष्मण और सीनियर ऑफिसर्स दिखे एक साथ

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के शीर्ष अधिकारियों की एक अहम बैठक शुक्रवार को मुंबई में हुई, जिसमें बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस बैठक में CoE के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ बीसीसीआई के सीनियर अधिकारी बंद कमरे में मंथन करते नजर आए।

बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, अध्यक्ष मिथुन मनहास, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और वीवीएस लक्ष्मण शामिल रहे।

इस दौरान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संचालन, मौजूदा तैयारियों और लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए।

VVS Laxman

CoE में खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पिछले साल अप्रैल में पूरी तरह शुरू हो चुका है, लेकिन अब भी हेड ऑफ एजुकेशन और हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस जैसे अहम तकनीकी पद खाली हैं।

बोर्ड ने इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है। सैकिया ने कहा, “हमने CoE में खाली पदों पर विस्तार से चर्चा की है और जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

दुनियाभर में तकनीकी स्टाफ की कमी है, लेकिन हम इन अहम पदों को जल्द भरने की कोशिश करेंगे।”

भारत ए और अंडर-19 टीमों के दौरों पर मंथन

बैठक में भारत ए और भारत अंडर-19 टीमों के भविष्य के दौरों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। सैकिया ने बताया कि कई बार ए टीम और सीनियर टीम के दौरे एक ही समय पर पड़ जाते हैं, जिससे संसाधनों और खिलाड़ियों की उपलब्धता पर असर पड़ता है।

आगे यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि ऐसे हालात न बनें, क्योंकि ए टीमों के दौरे भविष्य के क्रिकेटरों के विकास के लिए बेहद अहम हैं।

गौरतलब है कि बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नींव फरवरी 2022 में रखी गई थी। यह केंद्र तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट ग्राउंड, 16,000 वर्ग फुट के हाईटेक जिम, स्लीपिंग पॉड, चार एथलेटिक ट्रैक और 25 मीटर के स्विमिंग पूल से सुसज्जित है।

इसके अलावा यहां जकूजी, सौना, स्टीम बाथ और अंडरवॉटर पूल स्पा जैसी आधुनिक रिकवरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और रिकवरी का केंद्र

CoE में फिजियोथेरेपी रिहैब जिम, स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल लैब्स की भी व्यवस्था है, जहां खिलाड़ी ट्रेनिंग से लेकर चोट से उबरने तक की पूरी प्रक्रिया से गुजरते हैं।

BCCI इस सेंटर को भविष्य के भारतीय क्रिकेटरों की तैयारी का मजबूत आधार मानते हुए इसे और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

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