Lucknow News: 72 घंटों में सुलझा ‘ब्लाइंड मर्डर’, नशे की लत में दोस्त ही बना जान का दुश्मन, 2 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज हत्या और शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश का पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सफल अनावरण कर दिया है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की मुस्तैदी ने एक ऐसे ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी सुलझा दी है, जिसका कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और हत्या में इस्तेमाल चाकू व वाहन भी बरामद कर लिया है।

सुनसान मैदान में मिला था जला हुआ शव
बीती 9 जनवरी 2026 को सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस को सूचना मिली थी कि ‘भागीरथी एन्क्लेव’ के पास एक युवक की लाश पड़ी है। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो मंजर खौफनाक था; शव को पहचान मिटाने की नीयत से जलाया गया था। पुलिस ने अज्ञात शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। सोशल मीडिया और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से मृतक की शिनाख्त सचिन तिवारी (24 वर्ष) के रूप में हुई, जो नगराम इलाके का रहने वाला था।
सचिन के भाई विपिन तिवारी ने 13 जनवरी को थाने में तहरीर दी, जिसके बाद निहाल सिंह और उसके साथियों के खिलाफ हत्या (धारा 103(1) BNS) और साक्ष्य मिटाने (धारा 238 BNS) का मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस की ‘सुपरफास्ट’ जांच और गिरफ्तारी
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) के निर्देशन में कुल 5 टीमें गठित की गईं। पुलिस ने ‘मैनुअल इंटेलिजेंस’ और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मुखबिरों की सूचना और टेक्निकल इनपुट के आधार पर पुलिस अभियुक्त निहाल बाल्मीकि के घर पहुंची और उसे व उसके ममेरे भाई करन बाल्मीकि को दबोच लिया। इसके साथ ही पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, लाश ढोने में इस्तेमाल हुई स्कूटी (UP32MW1734) और दो एंड्रॉइड मोबाइल और मृतक के कपड़े बरामद किए हैं।
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हत्यारा निहाल और मृतक सचिन आपस में दोस्त थे। निहाल के घर पर सभी दोस्त मिलकर नशा कर रहे थे। नशा खत्म होने पर और नशीली सामग्री लाने की बात को लेकर सचिन का निहाल और उसके साथी से झगड़ा हो गया। गाली-गलौज इतनी बढ़ी कि बात हाथापाई तक पहुंच गई।
गुस्से में निहाल ने पास पड़े गमले से सचिन के सिर पर वार कर दिया। जैसे ही सचिन गिरा, निहाल ने उसके पैर पकड़ लिए और उसके दूसरे साथी ने किचन से चाकू लाकर सचिन का गला रेत दिया।
सबूत मिटाने की शातिर साजिश
हत्या के बाद निहाल ने अपने ममेरे भाई करन को स्कूटी लेकर बुलाया। तीनों ने मिलकर लाश को चादर और प्लास्टिक में लपेटा और स्कूटी पर आगे लादकर भागीरथी एन्क्लेव के पास एक सुनसान मैदान में फेंक दिया।
हत्यारों की बेरहमी यहीं नहीं रुकी। वे पास के पेट्रोल पंप पर बोतल में पेट्रोल लेने गए, लेकिन जब पंप वाले ने मना किया, तो उन्होंने स्कूटी की टंकी में 100 रुपये का पेट्रोल भरवाया। इसके बाद घटनास्थल पर लौटकर उन्होंने अपने गले का मफलर पेट्रोल की टंकी में डुबाया और उसे जलती हुई माचिस के साथ लाश पर फेंक दिया ताकि चेहरा और शरीर जल जाए और पुलिस पहचान न सके।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी?
निहाल बाल्मीकि (23) यह ई-रिक्शा चलाता है और आशियाना का रहने वाला है। यह इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार है। करन बाल्मीकि (26) निहाल का ममेरा भाई है, जो प्राइवेट नौकरी करता है। इसने शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस अब विनय शर्मा उर्फ साहुल और कल्पना बाल्मीकि की तलाश कर रही है, जो इस मामले में नामजद हैं।
पुलिस टीम को 25,000 का इनाम
अंधे कत्ल की इस गुत्थी को इतनी तेजी से सुलझाने वाली सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस टीम की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) ने पूरी टीम के उत्साहवर्धन के लिए 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
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