मेटा का अलर्ट और एक्शन में UP पुलिस, मौत के फंदे पर झूलने ही वाली थी छात्रा, ऐसे बचाई जान

Sandesh Wahak Digital Desk: आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जान बचाने वाला हथियार भी साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम) के बीच हुए एक विशेष समझौते ने इटावा की एक 19 वर्षीय छात्रा को मौत के मुंह से खींच लिया। यूपी पुलिस ने मुख्यालय से मिले अलर्ट पर इतनी तेजी से काम किया कि महज 5 मिनट के भीतर पुलिस टीम छात्रा के कमरे में थी और उसे फंदे से नीचे उतार लिया गया।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया सुसाइड वीडियो

घटना 13 जनवरी 2026 की है। इटावा के थाना उसराहार क्षेत्र की रहने वाली एक छात्रा ने अपने कमरे में पंखे से दुपट्टे का फंदा बांधा। उसने फंदा अपने गले में डाला और इंस्टाग्राम पर एक भावुक टेक्स्ट के साथ वीडियो पोस्ट किया। पोस्ट में लिखा था “कभी इसकी जान हुआ करते थे, आज मेरी शक्ल से नफरत है।”

मेटा का ‘रेड अलर्ट’ और पुलिस की दौड़

जैसे ही यह वीडियो पोस्ट हुआ, मेटा कंपनी के सिस्टम ने इसे ‘सुसाइडल कंटेंट’ के रूप में डिटेक्ट किया। दोपहर 01:39 बजे मेटा ने सीधे उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय (सोशल मीडिया सेंटर) को ईमेल के जरिए अलर्ट भेजा।

पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने बिना वक्त गंवाए मुख्यालय की टीम को लोकेशन ट्रेस करने का आदेश दिया। तकनीकी टीम ने छात्रा के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी सटीक लोकेशन निकाली और तुरंत इटावा पुलिस को सूचना भेजी।

5 मिनट का वो ‘गोल्डन टाइम’

मुख्यालय से मिली सूचना और लोकेशन पर थाना ऊसराहार के थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक और महिला आरक्षियों की टीम बिजली की गति से छात्रा के घर की ओर दौड़ी। सूचना मिलने के मात्र 5 मिनट के भीतर पुलिस टीम छात्रा के दरवाजे पर थी।

परिजनों को जैसे ही पुलिस ने इस खतरनाक पोस्ट के बारे में बताया, सबके होश उड़ गए। पुलिसकर्मी परिजनों के साथ कमरे की ओर भागे। दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे जोर देकर खोला गया। अंदर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई छात्रा फंदे पर लटकने ही वाली थी। पुलिस ने तुरंत उसे पकड़कर नीचे उतारा और गले से दुपट्टा हटाया।

टूटे दिल और मजबूरी की कहानी

जब छात्रा सामान्य हुई, तो उसने अपनी व्यथा सुनाई। इंटरमीडिएट पास कर चुकी इस छात्रा ने बताया कि वह एक युवक से बेहद प्यार करती है और उसी से शादी करना चाहती है। लेकिन उसके घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन्होंने उसकी मर्जी के बिना उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। इसी मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) में आकर उसने अपनी जान देने का फैसला किया था।

काउंसलिंग और परिजनों का आभार

पुलिस ने केवल उसकी जान ही नहीं बचाई, बल्कि एक बड़े भाई और अभिभावक की तरह उसकी काउंसलिंग भी की। उसे समझाया गया कि जीवन अनमोल है और हर समस्या का समाधान बातचीत से संभव है। छात्रा ने वादा किया कि भविष्य में वह कभी ऐसा कदम नहीं उठाएगी। बेटी को सही-सलामत पाकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने यूपी पुलिस की इस जांबाजी और संवेदनशीलता के लिए दिल से शुक्रिया अदा किया।

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