पश्चिम बंगाल में दिसंबर से अब तक Nipah Virus के दो मामले, NCDC की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) को लेकर हाल ही में कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आईं, जिनमें इसके मामलों की संख्या पांच बताई गई। इन रिपोर्ट्स के बाद लोगों के बीच डर और भ्रम की स्थिति बन गई। अब नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि दिसंबर से अब तक राज्य में निपाह वायरस (Nipah Virus) के केवल दो ही मामलों की पुष्टि हुई है, पांच नहीं। NCDC के अनुसार कुछ रिपोर्ट्स में तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं किया गया, जिससे गलत जानकारी फैल गई।

स्थिति कंट्रोल में, घबराने की जरूरत नहीं

NCDC और स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जिन मरीजों में निपाह वायरस (Nipah Virus) की पुष्टि हुई है, उनके संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी जांच की जा रही है। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक तय रणनीति पर काम कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

गलत आंकड़ों पर NCDC का खंडन

वहीं निपाह वायरस (Nipah Virus) को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि पश्चिम बंगाल में इसके पांच मामले सामने आए हैं। NCDC ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। संस्था का कहना है कि जांच और रिकॉर्ड के आधार पर अब तक केवल दो ही मामले पुष्ट हुए हैं। बाकी आंकड़े अपुष्ट और भ्रामक हैं। NCDC ने बताया कि हर संदिग्ध मामले की लैब जांच के बाद ही उसे पुष्टि की श्रेणी में रखा जाता है।

वहीं बिना जांच के किसी भी मामले को निपाह संक्रमण (Nipah Virus) मान लेना सही नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि गलत आंकड़े फैलने से लोगों में डर बढ़ता है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इसी वजह से मीडिया और आम लोगों से जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करने की अपील की गई है, ताकि सही स्थिति लोगों तक पहुंच सके और बेवजह की घबराहट से बचा जा सके।

196 लोगों की जांच

वहीं निपाह वायरस (Nipah Virus) के दोनों पुष्ट मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कॉन्टैक्ट ट्रैकिंग शुरू कर दी। जिन लोगों का संक्रमित मरीजों से संपर्क हुआ था, उनकी पहचान कर ली गई और सभी को निगरानी में रखा गया। NCDC के अनुसार अब तक जांच में शामिल सभी 196 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जो राहत की बात है।

जिसको लेकर स्वास्थ्य टीमें लगातार फील्ड में मौजूद हैं और किसी भी नए लक्षण पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य वायरस को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है, ताकि यह आगे न फैल सके और स्थिति कंट्रोल में बनी रहे।

सुरक्षा को लेकर सरकार की तैयारी

वहीं निपाह वायरस (Nipah Virus) के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर एक स्पष्ट योजना तैयार की है। इसके तहत निगरानी बढ़ाई गई है, अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और जांच की सुविधाओं को मजबूत किया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं और आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सरकार का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं और सभी जरूरी कदम समय पर उठाए जा रहे हैं। सही जानकारी और सावधानी के जरिए इस वायरस पर प्रभावी तरीके से काबू पाया जा सकता है।

कितना खतरनाक है Nipah Virus?

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर एचओडी डॉ एल एच घोटेकर के अनुसार निपाह वायरस (Nipah Virus) एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जो फल-बैट और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है। यह तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ और दिमाग में सूजन जैसे गंभीर लक्षण पैदा करता है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल निपाह वायरस का कोई खास इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। समय पर पहचान और लगातार निगरानी से ही संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

 

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