गौतम गंभीर के गले की फांस बना ये विकेटकीपर बल्लेबाज, अब डगआउट में लगेगी ड्यूटी!
Sandesh Wahak Digital Desk: टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम का चयन जैसे-जैसे अंतिम दौर में पहुंच रहा है, वैसे-वैसे विकेटकीपर बल्लेबाज को लेकर चयनकर्ताओं की दुविधा भी गहराती जा रही है।
इस समय सबसे पेचीदा सवाल संजू सैमसन को लेकर खड़ा हुआ है, जो टीम मैनेजमेंट के लिए “गले की फांस” जैसा बनते नजर आ रहे हैं।
एक ओर चयनकर्ता संजू सैमसन को और मौके देकर उन्हें एक बार फिर भरोसेमंद ओपनर के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं।
वहीं, दूसरी ओर समय की कमी और ईशान किशन की शानदार फॉर्म इस फैसले को और मुश्किल बना रही है। टी20 वर्ल्ड कप बिल्कुल करीब है और ऐसे में हर मुकाबला, हर पारी बेहद अहम मानी जा रही है।

हालिया प्रदर्शन संजू के पक्ष में नहीं
संजू सैमसन अब तक बड़े स्कोर बनाने में नाकाम रहे हैं, जिससे उन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ चार पारियों में वह सिर्फ 39 रन ही बना सके।
दूसरी तरफ ईशान किशन ने मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया है और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं के सामने मजबूत दावा पेश किया है। संजू की अनिरंतरता, जो उनके करियर की एक पहचान रही है, निर्णायक दौर में उनके खिलाफ जा सकती है।
विकल्पों की भरमार से बढ़ी चुनौती
इस फॉर्मेट में भारतीय टीम के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी फिलहाल टीम से बाहर हैं, जिन्हें कई अन्य टीमें तुरंत ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंप सकती थीं।
इसके अलावा शुभमन गिल भी एक मजबूत विकल्प हैं। पहले से मौजूद अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और संजू सैमसन के बीच प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो जाती है, खासकर जब तिलक वर्मा की वापसी भी तय मानी जा रही है।
बैटिंग ऑर्डर भी बना सिरदर्द
विकेटकीपर के चयन के साथ-साथ बल्लेबाजी क्रम भी एक बड़ी चुनौती है। अगर ईशान किशन को संजू से ऊपर तरजीह दी जाती है, तो सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पोजीशन पर सवाल खड़े होते हैं।
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों लेफ्ट-हैंडर हैं, ऐसे में तिलक वर्मा को नंबर तीन पर उतारने से टॉप ऑर्डर में एक जैसा पैटर्न बन सकता है। वहीं, सूर्यकुमार यादव को नंबर तीन पर भेजने से लेफ्ट-राइट संयोजन बना रहता है, जिससे विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बढ़ता है।
कोई फैसला पूरी तरह सही या गलत नहीं
संजू सैमसन का मामला अन्य चयन विवादों से अलग और बेहद संतुलित नजर आता है। अगर टीम मैनेजमेंट शुरुआती मुकाबलों में संजू को और मौके देने का फैसला करता है, तो यह भी एक तार्किक निर्णय होगा।
वहीं, मौजूदा फॉर्म को देखते हुए ईशान किशन को प्राथमिकता देना भी पूरी तरह जायज़ माना जाएगा।
एक बात हालांकि साफ है कि भारतीय टीम सही समय पर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय पकड़ती दिख रही है।
संजू सैमसन टीम में हों या नहीं, मौजूदा संतुलन और गहराई के साथ भारत टी20 वर्ल्ड कप में खिताब का प्रबल दावेदार बनकर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आता है।
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