रहमान कैबिनेट में 25 मंत्रियों में दो अल्पसंख्यक चेहरों को मिली जगह, निताई रॉय चौधरी बने मंत्री
Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद तारिक रहमान की कैबिनेट का स्वरूप सामने आ गया है। मंगलवार को ढाका में आयोजित एक समारोह में कुल 25 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस नई कैबिनेट में सबसे ज्यादा चर्चा दो अल्पसंख्यक नेताओं को शामिल किए जाने की हो रही है, जिसे तारिक रहमान का एक सधा हुआ राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
निताई रॉय चौधरी: मगुरा-2 सीट से शानदार जीत दर्ज करने वाले वरिष्ठ वकील और राजनीतिज्ञ निताई रॉय चौधरी को कैबिनेट में जगह मिली है। उन्होंने कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को करीब 30 हजार वोटों से मात दी। वह बीएनपी के शीर्ष रणनीतिकारों में गिने जाते हैं।
दीपेन दीवान: दूसरे अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में दीपेन दीवान को शामिल किया गया है। दीवान चकमा जातीय अल्पसंख्यक समुदाय (बौद्ध बहुल) से आते हैं और उन्होंने रंगमती जिले की सीट से निर्दलीय उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की है।
चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ने नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई। दिलचस्प बात यह रही कि बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को बड़ा झटका देते हुए अपने सांसदों को ‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्य के रूप में शपथ लेने से रोक दिया।
प्रमुख मंत्रियों की सूची
रहमान की 25 सदस्यीय कैबिनेट में कई अनुभवी और कद्दावर नाम शामिल हैं।
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर
अमीर खोशरू महमूद चौधरी
सलाहुद्दीन अहमद
मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद
अब्दुल अव्वल मिंटू
अफरोजा खानम रीटा और अन्य।
गोयेश्वर रॉय की चर्चा और समीकरण
कैबिनेट गठन से पहले चर्चा थी कि वरिष्ठ हिंदू नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्री बनाया जाएगा, जो खालिदा जिया सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। हालांकि, इस बार उनके समधी निताई रॉय चौधरी पर भरोसा जताया गया है। निताई रॉय चौधरी की छवि एक उदारवादी और सुलझे हुए नेता की रही है, जिन्होंने सीधे मुकाबले में जमात के प्रत्याशी को हराकर अपनी ताकत साबित की है।
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