खिलाड़ियों को सिर्फ 3 हजार सैलरी, अब BCCI ने थामा हाथ, किया बड़ा ऐलान
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ब्लाइंड क्रिकेट को मजबूती देने की दिशा में अहम फैसला लिया है।
बोर्ड ने Cricket Association for the Blind in India (CABI) की पुरुष और महिला टीमों को संरचित सहायता देने का ऐलान किया है। इस पहल का उद्देश्य ब्लाइंड क्रिकेटरों को बेहतर सुविधाएं, अधिक मौके और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर उपलब्ध कराना है।
इस नई व्यवस्था के तहत BCCI हर साल पुरुष और महिला ब्लाइंड टीमों को दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए दौरे का खर्च वहन करेगा।
इसके अलावा, भारत में होने वाली सीरीज के दौरान मेजबान और मेहमान टीमों के लिए आवास और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी भी बोर्ड उठाएगा।
ब्लाइंड क्रिकेटरों को BCCI के स्टेडियमों और मैदानों पर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
गौरतलब है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, जबकि पुरुष टीम भी कई वर्ल्ड चैंपियनशिप अपने नाम कर चुकी है।
इसके बावजूद, ब्लाइंड क्रिकेट को अब तक BCCI की औपचारिक मान्यता नहीं मिली थी, जिससे खिलाड़ियों को संसाधनों और पहचान की कमी झेलनी पड़ती थी।

कम सैलरी की चुनौती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लाइंड क्रिकेटरों को मैच फीस के रूप में महज 3,000 रुपये मिलते हैं—चाहे टीम पुरुष हो या महिला।
अब तक अधिकांश खर्च CABI और कुछ निजी स्पॉन्सर्स उठाते रहे हैं। BCCI के इस ऐलान से न सिर्फ संसाधनों में बढ़ोतरी होगी, बल्कि खिलाड़ियों के लिए स्थिरता और सम्मान भी बढ़ेगा।
BCCI का कहना है कि यह स्ट्रक्चर सपोर्ट ब्लाइंड क्रिकेटरों के लिए अवसरों, बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने पर केंद्रित है।
बोर्ड के इस फैसले को ब्लाइंड क्रिकेट के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है।

