Sandesh Wahak Digital Desk: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चैंपियन कौन बनेगा, इसका फैसला 8 मार्च को हो जाएगा। खिताबी मुकाबले की रेस अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और सात टीमें अभी भी दावेदारी में बनी हुई हैं।
हालांकि, जहां एक कप्तान ट्रॉफी उठाएगा, वहीं कुछ कप्तानों के लिए यह वर्ल्ड कप करियर का टर्निंग पॉइंट भी साबित हो सकता है।
खराब प्रदर्शन की कीमत उन्हें कप्तानी गंवाकर चुकानी पड़ सकती है। इस सूची में टीम इंडिया से लेकर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया तक के बड़े नाम शामिल हैं।
सलमान अली आगा (पाकिस्तान)

पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा की कप्तानी सबसे ज्यादा खतरे में मानी जा रही है। टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और खुद कप्तान भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाता है तो सलमान को हटाया जा सकता है और उनकी जगह शादाब खान को कमान सौंपी जा सकती है।
दासुन शनाका (श्रीलंका)

को-होस्ट श्रीलंका ने ग्रुप स्टेज में अच्छा खेल दिखाया, लेकिन सुपर-8 में लगातार हार के साथ टीम बाहर हो गई। कप्तान दासुन शनाका के फैसले सवालों के घेरे में हैं।
वर्ल्ड कप से कुछ ही समय पहले कप्तान बनाए गए शनाका के नेतृत्व में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
मिचेल मार्श (ऑस्ट्रेलिया)

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श की कप्तानी भी सुरक्षित नहीं मानी जा रही। 2009 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले राउंड से बाहर हुई है।
मार्श का व्यक्तिगत प्रदर्शन ठीक रहा, लेकिन फिटनेस और उम्र को देखते हुए टीम मैनेजमेंट भविष्य के लिए नए कप्तान पर विचार कर सकता है।
राशिद खान (अफगानिस्तान)

पिछले वर्ल्ड कप के शानदार प्रदर्शन के बाद अफगानिस्तान से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन इस बार टीम पहले राउंड में ही बाहर हो गई।
कप्तान राशिद खान की लीडरशिप पर सवाल उठ रहे हैं। खबर है कि चयनकर्ता युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान को भविष्य की कमान सौंप सकते हैं।
सूर्यकुमार यादव (भारत)

टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर भी संकट के बादल मंडरा सकते हैं। अगर भारत सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाता है, तो कप्तानी में बदलाव तय माना जा रहा है।
उम्र और अगले वर्ल्ड कप की दूरी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट भविष्य की योजना पर काम कर सकता है।
कुल मिलाकर, टी20 वर्ल्ड कप 2026 न सिर्फ चैंपियन टीम का फैसला करेगा, बल्कि कई कप्तानों के भविष्य की दिशा भी तय कर सकता है।
अब सबकी नजरें 8 मार्च और उससे पहले होने वाले अहम मुकाबलों पर टिकी हैं।

