Kannauj News: 45 मिनट तक डीएम का इंतज़ार, फिर कार्यक्रम छोड़ लौटे मंत्री असीम अरुण, लिखा लेटर
Sandesh Wahak Digital Desk: इत्र नगरी कन्नौज में उस समय प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया, जब राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और अनुशासनहीनता से क्षुब्ध होकर एक सरकारी कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ कर वापस लौट गए। मामला प्रोटोकॉल के उल्लंघन और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री समेत अन्य अधिकारियों की देरी से जुड़ा है।
क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, कन्नौज में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री असीम अरुण को बतौर मुख्य अतिथि शाम 5:30 बजे आमंत्रित किया गया था। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे असीम अरुण अपने तय समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंच गए, लेकिन वहां का नजारा देख दंग रह गए।
कार्यक्रम स्थल पर न तो डीएम आशुतोष अग्निहोत्री मौजूद थे, और न ही एडीएम (ADM) या एसडीएम (SDM)। मंत्री जी के पहुंचने के बाद वहां घोषणा की गई कि “कार्यक्रम जिलाधिकारी के आने के बाद ही शुरू किया जाएगा।” प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्य अतिथि के स्वागत के लिए अधिकारियों को पहले मौजूद होना चाहिए था, लेकिन मंत्री जी को 45 मिनट तक इंतज़ार कराया गया। अंततः, अनुशासन के प्रति सख्त माने जाने वाले असीम अरुण बिना कार्यक्रम में शामिल हुए वहां से रवाना हो गए।
मंत्री का कड़ा पत्र: अनुशासन का पाठ
कार्यक्रम से लौटने के बाद मंत्री असीम अरुण ने जिलाधिकारी को एक औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासनिक अव्यवस्था पर उंगली उठाई है। पत्र में उन्होंने कहा “मोहन अग्निहोत्री जी, मैं कन्नौज में कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं…”
मंत्री ने पत्र के माध्यम से अधिकारियों को समय की पाबंदी और प्रोटोकॉल के महत्व की याद दिलाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यक्रमों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
चर्चा में ‘अफसरशाही’ का रवैया
राजनीतिक गलियारों में इस घटना की खासी चर्चा है। पूर्व आईपीएस होने के नाते असीम अरुण प्रशासनिक नियमों की गहरी समझ रखते हैं, ऐसे में डीएम और अन्य अधिकारियों की इस ‘लेटलतीफी’ को सीधे तौर पर सरकार के प्रोटोकॉल की अनदेखी माना जा रहा है। अब देखना यह है कि शासन स्तर पर इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।
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