Mission 2027: अखिलेश यादव का ‘करो या मरो’ का आह्वान, बोले-बूथ जीता तो 2027 में बनेगी PDA सरकार

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में जिला, महानगर और विधानसभा अध्यक्षों के साथ मैराथन बैठक की। 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकते हुए अखिलेश ने इसे ‘करो या मरो’ का लक्ष्य बताया और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर ‘बूथ स्तर’ पर किलेबंदी करने का निर्देश दिया।

संविधान बचाना है तो भाजपा को हटाना होगा

बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के 10 वर्षों में संविधान और लोकतंत्र पर खतरा गहरा गया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में तमाम बेईमानी के बावजूद सपा उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। अब 2027 में किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट है और ‘ग्रीन कॉरिडोर’ से लेकर ‘जल जीवन मिशन’ तक में लूट मची है।

चुनाव आयोग और बंगाल के बहाने घेराबंदी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। “बंगाल में चुनाव घोषित होते ही डीजीपी और मुख्य सचिव हटा दिए जाते हैं, लेकिन यूपी चुनाव में सपा की सैकड़ों शिकायतों के बाद भी दागी अफसरों को क्यों नहीं हटाया गया?”

उन्होंने आगाह किया कि अन्य राज्यों के चुनाव खत्म होते ही भाजपा की पूरी ‘फौज’ और सरकारी मशीनरी यूपी का रुख करेगी, जिससे निपटने के लिए संगठन को अभी से जमीन पर उतरना होगा।

किसानों को ‘बाजार भाव’ पर मुआवजे का वादा

जेवर एयरपोर्ट और अन्य विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश ने बड़ा चुनावी दांव खेला। उन्होंने कहा कि “सपा सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों को खुशी-खुशी बाजार भाव पर मुआवजा दिया था। 2027 में सरकार बनने पर हम किसानों की जमीनों के लिए फिर से बाजार भाव पर मुआवजा और अतिरिक्त लाभ देंगे।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने न किसानों की आय दोगुनी की और न ही आलू की खरीद की। आज खाद, बीज और रसोई गैस (LPG) के लिए जनता लाइन में लगी है।

‘नकल’ और ‘किडनी कांड’ पर प्रहार

अखिलेश ने देवरिया-गोरखपुर में चल रहे नकली नोटों के कारोबार को ‘गोरखधंधा’ करार दिया। साथ ही कानपुर के किडनी कांड पर बोलते हुए कहा कि इसमें भाजपा के लोग शामिल हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री (ब्रजेश पाठक) को होश ही नहीं है। बैठक में शिवपाल सिंह यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सभी पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव को 2027 में मुख्यमंत्री बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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