RO/ARO Paper Leak Case: मास्टरमाइंड कृष्णा पाण्डेय वाराणसी से गिरफ्तार, 12-12 लाख में तय हुआ था सौदा

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक मामले में यूपी एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस सनसनीखेज कांड में पिछले दो साल से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त कृष्णा पाण्डेय को वाराणसी के अखिरी बाईपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है।

वाराणसी रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ ‘खेल’

पूछताछ में अभियुक्त कृष्णा पाण्डेय ने स्वीकार किया कि उसने और उसके साले आलोक मिश्रा ने इस परीक्षा का फॉर्म भरा था। परीक्षा से दो सप्ताह पहले वाराणसी रेलवे स्टेशन के पास उनकी मुलाकात अमरजीत शर्मा नाम के व्यक्ति से हुई।

अमरजीत ने 12-12 लाख रुपये में प्री और मेन्स दोनों के पेपर लीक कराने का झांसा दिया। कृष्णा और उसके साले ने 3-3 लाख रुपये एडवांस दिए और गारंटी के तौर पर अपनी ओरिजिनल मार्कशीट और बैंक के ब्लैंक चेक जमा कराए।

भोपाल के होटल ‘कमल पैलेस’ में रटाया गया पेपर

कृष्णा ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्यों ने उन्हें पेपर पढ़ने के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल बुलाया था। 9 फरवरी 2024 को आरोपी अपने साले के साथ ट्रेन से भोपाल पहुंचा और आनंद नगर स्थित होटल कमल पैलेस में कमरा बुक किया। होटल में गिरोह के सदस्य सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय पहले से मौजूद थे। वहां कृष्णा और उसके साले समेत कई अन्य अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन (GS) और हिंदी के लीक प्रश्न-उत्तर 3-4 घंटे तक रटाए गए। 11 फरवरी को जब उन्होंने परीक्षा दी, तो वही सवाल आए जो उन्हें भोपाल के होटल में दिखाए गए थे।

एसटीएफ की लंबी जांच और कार्रवाई

पेपर लीक की शिकायत के बाद शासन ने परीक्षा निरस्त कर जांच एसटीएफ को सौंपी थी। एसटीएफ ने इस गिरोह के मुख्य सदस्यों सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय को 23 जून 2024 को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिनसे कृष्णा पाण्डेय के दस्तावेज बरामद हुए थे। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पाण्डेय के नेतृत्व वाली टीम ने सूचना के आधार पर वांछित कृष्णा पाण्डेय को घेराबंदी कर धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ प्रयागराज के थाना सिविल लाइन्स में धोखाधड़ी, जालसाजी (420/467/468) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।

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