UP News: NCCF शाखा प्रबंधक पर सीबीआई का शिकंजा, 30.8 लाख की घूसखोरी का खुलासा

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कानपुर स्थित नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) के शाखा प्रबंधक अनुराग शर्मा पर अपने पद का दुरुपयोग कर लाखों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस खेल में उनकी पत्नी प्रतिभा शर्मा और एक सप्लायर सुनील जायसवाल को भी आरोपी बनाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

सीबीआई की लखनऊ एसीबी (ACB) विंग द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह पूरा मामला विभागीय लाभ पहुंचाने और शराब की दुकान के लाइसेंस आवंटन से जुड़ा है। मार्च 2025 में उन्नाव के औरास बाजार स्थित एक शराब दुकान (कोड-26222) अनुराग की पत्नी प्रतिभा शर्मा के नाम पर आवंटित हुई थी।

आरोप है कि इस दुकान के लाइसेंस शुल्क के लिए मैसर्स जायसवाल ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर सुनील जायसवाल से 17 लाख रुपये वसूले गए। यह रकम 9 मार्च 2025 को प्रतिभा शर्मा के नाम से सरकारी खाते में जमा कराई गई।

जांच में सामने आया कि 17 मार्च 2025 को सप्लायर सुनील के खाते से 13.80 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि प्रतिभा के एसबीआई (SBI) खाते में भेजी गई। इसी रकम से आबकारी विभाग के पक्ष में एफडी (STDR) बनवाकर लाइसेंस प्रक्रिया पूरी की गई।

साजिश और भ्रष्टाचार की धाराएं

कुल मिलाकर 30.80 लाख रुपये की इस अवैध वसूली को सीबीआई ने ‘आपराधिक साजिश’ करार दिया है। सीबीआई के मुताबिक, शाखा प्रबंधक अनुराग शर्मा ने अपने आधिकारिक पद का इस्तेमाल कर सप्लायर पर दबाव बनाया और अपनी पत्नी के व्यावसायिक हितों को साधा।

मामले की विवेचना सीबीआई के डीएसपी प्रदीप कुमार सिंह को सौंपी गई है। सूत्रों का कहना है कि सप्लायर और शाखा प्रबंधक के बीच अन्य विभागीय ठेकों को लेकर भी सांठगांठ हो सकती है, जिसका खुलासा जल्द होगा।

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