Siddharthnagar News: शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि, 18000 की चेक पाकर खिले चेहरे
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ का सजीव प्रसारण देखा गया। इस दौरान सांसद जगदम्बिका पाल और जिला प्रशासन ने जनपद के शिक्षामित्रों को ₹18,000 के बढ़े हुए मानदेय की चेक वितरित की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 अप्रैल से प्रभावी यह वृद्धि प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के जीवन में खुशहाली लाएगी।

अब ₹10,000 नहीं, मिलेंगे ₹18,000: मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
गोरखपुर से लाइव संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों में शिक्षामित्रों को मात्र ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे हमारी सरकार ने पहले ₹10,000 और अब बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि महिला शिक्षामित्रों को उनके नजदीकी विद्यालयों में तैनाती देने के लिए सरकार नीति बना रही है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही और विनय वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में प्रतीक स्वरूप 10 शिक्षामित्रों को मंच पर बुलाकर बढ़े हुए मानदेय की चेक सौंपी गई। सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा, “शिक्षामित्र ही विद्यालयों की असली ताकत हैं, कई स्कूल केवल इन्हीं के भरोसे चल रहे हैं। यह मानदेय वृद्धि उनके संघर्षों का प्रतिफल है।”

शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान: 9 साल में बदला स्वरूप
विधायक बांसी जय प्रताप सिंह और शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में बेसिक शिक्षा का कायाकल्प हुआ है। प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को निशुल्क ड्रेस, बैग, जूते-मोजे और किताबें दी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य अब ‘ड्रॉप आउट’ दर को शून्य पर लाना है।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे बच्चों को केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और नई तकनीक के बारे में भी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना से स्कूलों की सूरत बदल चुकी है, अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना है।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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