Standard Chartered Bank में बड़ी छंटनी की तैयारी, AI के बढ़ते इस्तेमाल से 7,800 नौकरियों पर खतरा

Standard Chartered Bank Layoff: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बड़ा फैसला लिया है। बैंक ने 2030 तक अपने 15 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य बैंकिंग संचालन में ऑटोमेशन बढ़ाना और कई मैन्युअल कार्यों को AI के जरिए संचालित करना है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दुनियाभर के बड़े बैंक लागत घटाने और कामकाज को अधिक कुशल बनाने के लिए तेजी से AI और ऑटोमेशन को अपना रहे हैं।

किन विभागों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर रिस्क मैनेजमेंट और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसे विभागों पर पड़ सकता है। बैंक के 2025 के अंत तक बैक-ऑफिस में करीब 52,271 कर्मचारी कार्यरत थे। ऐसे में इस पुनर्गठन के तहत लगभग 7,800 कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है।

Standard Chartered Bank में बड़ी छंटनी की तैयारी, AI के बढ़ते इस्तेमाल से 7,800 नौकरियों पर खतरा

हालांकि, बैंक के सीईओ बिल विंटर्स ने हांगकांग में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह केवल लागत कटौती का कदम नहीं है। उनके मुताबिक, बैंक कम उत्पादक मानव संसाधनों की जगह नई तकनीकों में निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मशीनों के कारण कुछ जॉब रोल कम होंगे, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों को पहले से स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।

रिकॉर्ड कमाई के बीच लिया गया फैसला

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने हाल ही में उम्मीद से बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक के वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार में 18 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निवेश आया, जिससे पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण संभावित जोखिमों के लिए अलग रखे गए करीब 190 मिलियन डॉलर के प्रभाव को संतुलित करने में मदद मिली।

बैंक को उम्मीद है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से कामकाज का तरीका पूरी तरह बदलेगा और 2028 तक प्रति कर्मचारी आय में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। बैंक ने 2028 तक 15 प्रतिशत और 2030 तक 18 प्रतिशत रिटर्न का लक्ष्य भी तय किया है।

शेयर बाजार पर मिला-जुला असर

स्टैंडर्ड चार्टर्ड के शेयरों ने अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच करीब 120 प्रतिशत की तेजी दर्ज की थी। हालांकि, कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी डिएगो दे जॉर्जी के अचानक पद छोड़ने और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस तेजी पर ब्रेक लगा था। इसके बावजूद हाल के महीनों में बैंक के शेयरों में काफी हद तक रिकवरी देखने को मिली है।

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