ITBP जवान की मां के केस में 800 पेज की चार्जशीट, 5 डॉक्टर समेत 9 लोग जिम्मेदार
Kanpur News: ITBP जवान की मां का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 800 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में कृष्णा और पारस अस्पताल के 5 डॉक्टरों समेत 4 प्रबंधकों को जिम्मेदार माना गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सीएमओ जांच रिपोर्ट, अस्पताल के रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को अहम साक्ष्य बनाया है।
रेलबाजार पुलिस की जांच में कृष्णा और पारस अस्पताल के कुल 9 लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस के अनुसार इलाज के दौरान हुई गंभीर लापरवाही और चिकित्सा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आधार पर चार्जशीट तैयार की गई है। आईटीबीपी जवान विकास सिंह और उनकी मां निर्मला सिंह के बयान भी जांच का अहम हिस्सा रहे।
मौसेरी बहन बनी अहम गवाह
चार्जशीट दाखिल करने से पहले पुलिस ने विकास सिंह की मौसेरी बहन सविता का बयान दर्ज किया। सविता ने बताया कि जब निर्मला देवी के हाथ की पट्टी खोली गई तो हाथ पूरी तरह काला पड़ चुका था। पुलिस ने उनके बयान को मामले की महत्वपूर्ण कड़ी माना है।
क्या है पूरा मामला?
ITBP की 32वीं वाहिनी में तैनात विकास सिंह ने 13 मई को अपनी मां निर्मला देवी को तबीयत बिगड़ने पर कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। सांस लेने में परेशानी और हृदय संबंधी समस्या के चलते उनका इलाज शुरू हुआ। आरोप है कि इलाज के दौरान उनके दाहिने हाथ की स्थिति लगातार बिगड़ती गई और हाथ काला पड़ गया।
14 मई को उन्हें पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 मई को डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा। मामले ने तूल पकड़ा तो 20 मई को विकास सिंह ने अपनी मां का कटा हुआ हाथ पुलिस को सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।
डीजीपी बोले- दोषियों को जल्द मिले सजा
डीजीपी पूर्वी ज़ोन सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए पुलिस तेजी से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
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