योगी सरकार की तैयारी, Gorakhpur में बनेगा UP का दूसरा जेल ट्रेनिंग सेंटर, 9 एकड़ जमीन चिह्नित
UP News: पूर्वी उत्तर प्रदेश के जेल सिपाहियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए उन्हें लखनऊ का रुख नहीं करना पड़ेगा। Gorakhpur में जेल विभाग का अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए करीब 9 एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
यह केंद्र बनने के बाद प्रदेश में जेल विभाग का दूसरा प्रशिक्षण संस्थान होगा। वर्तमान में राज्य का एकमात्र जेल प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ में संचालित है, जहां पूरे उत्तर प्रदेश के जेल सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। बढ़ती संख्या और प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने दूसरा केंद्र शुरू करने का फैसला लिया है।
पूर्वांचल के सिपाहियों को मिलेगा सीधा फायदा
प्रस्तावित केंद्र शुरू होने के बाद Gorakhpur और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास के जिलों में तैनात जेल सिपाहियों को यहीं प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी। वहीं पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कार्मिकों का प्रशिक्षण पहले की तरह लखनऊ में जारी रहेगा।
जेल अधीक्षक ए.के. कुशवाहा ने बताया कि गोरखपुर जेल परिसर के पास लगभग 9 एकड़ जमीन प्रशिक्षण केंद्र के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। भूमि उपलब्ध होने के कारण परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
Gorakhpur जिला कारागार को मिलीं छह नई बैरकें
इसी बीच गोरखपुर जिला कारागार को भी बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विभिन्न विकास परियोजनाओं के साथ जेल की छह नई बैरकों का लोकार्पण किया। इन बैरकों के जुड़ने से जिला कारागार में कुल बैरकों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
करीब 11.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इन बैरकों से जेल की क्षमता और व्यवस्थाओं में सुधार होगा। इसके अलावा पीएसी परिसर में बने नए आवासों और चरगांवा स्थित साइबर थाने के नए भवन का भी उद्घाटन किया गया। नए साइबर थाना भवन के शुरू होने से साइबर अपराधों की जांच और संचालन व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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