मीठा छोड़ने के बाद भी नहीं होता शुगर कंट्रोल, जानिए क्या है सही तरीका
Health Tips: आज के समय में मोटापा और अनियमित खानपान के कारण डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में डायबिटीज मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बहुत से लोग मानते हैं कि केवल चीनी और मीठी चीजें छोड़ देने से डायबिटीज कंट्रोल हो सकती है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है।
सिर्फ चीनी छोड़ने से ब्लड शुगर में थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन यह अकेला समाधान नहीं है। डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, वजन नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस सबसे बड़ा फैक्टर
हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण केवल चीनी नहीं, बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस है। जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं, तो ब्लड में ग्लूकोज बढ़ने लगता है। एनआईडीडीके के अनुसार यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब पैंक्रियाज पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। इससे टाइप-2 डायबिटीज विकसित हो सकती है।

मोटापा, लाइफस्टाइल और अनुवांशिक कारण भी जिम्मेदार
सीडीसी के अनुसार पेट के आसपास जमा फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाता है। डब्ल्यूएचओ बताता है कि शारीरिक गतिविधि की कमी से शरीर की शुगर उपयोग करने की क्षमता घट जाती है। वहीं मायो क्लिनिक के अनुसार अगर परिवार में किसी को डायबिटीज है तो जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक तनाव और नींद की कमी भी ब्लड शुगर को प्रभावित करती है।

किन चीजों से बनानी चाहिए दूरी
डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए केवल चीनी ही नहीं बल्कि व्हाइट ब्रेड, मैदा से बने फूड, प्रोसेस्ड फूड, केक-पेस्ट्री, अधिक नमक और शुगरी ड्रिंक्स से भी दूरी बनानी चाहिए।
डायबिटीज एक जटिल बीमारी है, जिसे सिर्फ मीठा छोड़कर कंट्रोल नहीं किया जा सकता। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है।

