Sambhal News: संपत्ति के लिए चाचा ने की भतीजे की हत्या, सुसाइड दिखाने को फंदे से लटकाया शव
Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। बहजोई कोतवाली के पवांसा गांव में दो दिन पहले 22 वर्षीय प्रवेंद्र राघव का शव उसके ही घर के एक बंद कमरे में फंदे से लटका मिला था। शुरुआत में हर कोई इसे आत्महत्या मान रहा था, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।
दरअसल, यह कोई खुदकुशी नहीं बल्कि पैतृक संपत्ति के लालच में की गई एक बेरहमान हत्या थी। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने खुलासा किया कि महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया गया है। मामले में मृतक के सगे चाचा सुनील उर्फ गिरधारी और चचेरे भाई रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
इकलौता वारिस था मृतक चाचा की बिगड़ी नीयत
मृतक युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। माता-पिता की असमय मौत के बाद वह घर में बिल्कुल अकेला रह गया था और गांव के पैतृक मकान का इकलौता वारिस था। वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उस मकान को किसी बाहरी व्यक्ति को अच्छे दामों में बेचना चाहता था। लेकिन उसके सगे चाचा सुनील और चचेरे भाई रोहित की नीयत उस कीमती संपत्ति पर खराब हो गई। दोनों पिता-पुत्र प्रवेंद्र पर लगातार दबाव बना रहे थे कि वह मकान बेहद सस्ते दामों में उनके नाम कर दे। जब प्रवेंद्र ने इस बात से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों ने मिलकर उसकी जान लेने की खौफनाक साजिश रच डाली।
हत्या कर फंदे से लटकाया शव
बीती 20 जून को आरोपियों ने बातचीत के बहाने प्रवेंद्र को अपने पास बुलाया और मौका पाकर बेरहमी से उसका गला घोंट दिया। कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए उन्होंने शव को कमरे के भीतर छत के हुक से लटका दिया ताकि यह सुसाइड लगे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी चालाकी पकड़ ली, क्योंकि उसमें मौत का कारण फंदा नहीं बल्कि दम घुटना (गला दबाना) आया था। सोमवार को कोतवाली पुलिस के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार मलिक और उनकी टीम ने घेराबंदी करके टिकटा रोड से आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।

