Lucknow Fire: फर्जी सिग्नेचर, फर्जी NOC, 15 मौतों के बाद खुली लापरवाही की पूरी कहानी
Lucknow Fire: लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि जिस चार मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी, उसे वर्ष 2016 में फर्जी NOC के आधार पर बिजली कनेक्शन मिला था। दस्तावेजों की जांच में तत्कालीन सहायक निदेशक के हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए हैं। मामले में विद्युत सुरक्षा विभाग ने भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
22 जून को हुए इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि नौ अन्य घायल हुए थे। हादसे के बाद विद्युत सुरक्षा विभाग की जांच में NOC से जुड़े कई गंभीर फर्जीवाड़े सामने आए।
जांच में ऐसे खुली फर्जी NOC की पोल
विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक आलोक शुक्ला ने बताया कि भवन मालिक द्वारा प्रस्तुत NOC की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिलीं। विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज डिस्पैच नंबर किसी दूसरे पत्र का निकला, जबकि NOC पर तत्कालीन सहायक निदेशक पी.के. निगम के हस्ताक्षर भी असली हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाए।
इसके बाद विभाग ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की और अलीगंज थाने में भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अब दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन बिंदुओं से सामने आया फर्जीवाड़ा
विद्युत सुरक्षा विभाग की जांच में ये प्रमुख गड़बड़ियां सामने आईं:
- NOC पर किए गए तत्कालीन सहायक निदेशक के हस्ताक्षर असली हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाए।
- दस्तावेज की लिखावट और फॉन्ट विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से अलग मिले।
- NOC का पेपर डिज़ाइन भी विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रारूप से पूरी तरह अलग पाया गया।
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