BareillyNews: सड़कों और स्टेशनों से 10 बेसहारा लोगों का रेस्क्यू, अपनों से बिछड़े 7 बच्चों को मिला परिवार
BareillyNews: उत्तर प्रदेश के बरेली में जिला प्रशासन और प्रोबेशन विभाग द्वारा बेसहारा, निराश्रित और दयनीय स्थिति में जी रहे लोगों के पुनर्वास के लिए एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका (PIL) संख्या 571/2024 में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में ऑपरेशन मुक्ति टीम ने शहर के मुख्य चौराहों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और तहसीलों में सघन चेकिंग की।
इस मानवीय अभियान के तहत अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन बसर कर रहे कुल 10 जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू कर शासन की विभिन्न कल्याणकारी और सुरक्षात्मक योजनाओं से जोड़ा गया है।

मानसिक रूप से कमजोर महिलाओं को भेजा गया शरणालय
अभियान के दौरान रेलवे जंक्शन, आंवला, सदर और नवाबगंज तहसीलों से अलग-अलग तारीखों में रेस्क्यू किए गए लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किए गए 7 बच्चों (3 लड़के और 4 लड़कियां) के परिजनों को खोज निकाला और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। साथ ही बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें दोबारा घर से न भागने की समझाइश दी गई। इसके अलावा, दो मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं में से एक को राजकीय महिला शरणालय के विशेष प्रकोष्ठ में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है, जबकि दूसरी महिला को उनके परिवार को सौंप दिया गया।
वहीं, एक लावारिस वृद्ध पुरुष को सुरक्षित रूप से वृद्धाश्रम गृह में आश्रय दिलाया गया है, जहां उनके भोजन और स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था की गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि माननीय उच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह चेकिंग और रेस्क्यू अभियान आगे भी पूरी कड़ाई से जारी रहेगा।
रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया

