रिश्तेदारों के खातों में भेजते थे राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रकम, पूछताछ में खुलासा
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। 40 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि चोरी की रकम सीधे अपने बैंक खातों में जमा नहीं करते थे।
इसके बजाय पैसे रिश्तेदारों और करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर किए जाते थे। बाद में अलग-अलग लेनदेन के जरिए वही रकम वापस अपने खातों में मंगाई जाती थी।
CCTV फुटेज दिखाकर पूछे गए सवाल
कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गणना कक्ष की सीसीटीवी फुटेज दिखाई। फुटेज में वे कथित तौर पर नकदी छिपाते हुए नजर आए। पूछताछ में इस बात पर भी फोकस रहा कि कैश को बाहर कैसे निकाला जाता था और पूरी योजना कैसे बनाई गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपियों को सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की जानकारी थी और वे उनसे बचकर नकदी की हेराफेरी करने की कोशिश करते थे। हालांकि उनकी गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड हो गईं।
साइबर पुलिस और SIT की कार्रवाई जारी
मामले की जांच कर रही एसआईटी, साइबर पुलिस और स्थानीय पुलिस अब आरोपियों के करीबियों तक भी पहुंच रही है। साइबर पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा के गृह थाना क्षेत्र इनायत नगर में कई लोगों से पूछताछ की। इनमें मेडिकल स्टोर चलाने वाले उनके सगे चाचा रामेंद्र मिश्रा, एक सराफा कारोबारी, बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी और अन्य स्थानीय लोग शामिल हैं। पूछताछ के बाद कुछ लोगों को छोड़ दिया गया।
इसके अलावा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित एक कैरी बैग फैक्ट्री में भी सादी वर्दी में पहुंचकर पूछताछ किए जाने की चर्चा है। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया। जांच एजेंसियां अब पूरे मामले में धन के लेनदेन और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

