फोलेट की कमी से शरीर देता है ये संकेत, थकान से लेकर मूड बदलाव तक हैं लक्षण

Folate Deficiency: जब भी पोषण की बात होती है तो आयरन, कैल्शियम और विटामिन D पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, लेकिन फोलेट यानी विटामिन B9 भी शरीर के लिए बेहद अहम है। यह DNA बनाने, रेड ब्लड सेल्स तैयार करने, कोशिकाओं की मरम्मत और नर्वस सिस्टम के सही काम करने में मदद करता है।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली-गाजियाबाद के सीनियर डायरेक्टर और हेड (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. अजय कुमार गुप्ता के मुताबिक, आज के समय में प्रोसेस्ड फूड के ज्यादा सेवन, खराब खानपान और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण युवाओं में भी फोलेट का स्तर कम हो रहा है। इसकी कमी धीरे-धीरे होती है और लोग इसके लक्षणों को अक्सर तनाव या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

थकान, एनीमिया और दिमाग पर असर

फोलेट की कमी का सबसे आम संकेत लगातार थकान और शरीर में ऊर्जा की कमी होना है। इसकी कमी से स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।

लंबे समय तक फोलेट कम रहने पर मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो सकता है। इसमें रेड ब्लड सेल्स का आकार बढ़ जाता है और वे ठीक से काम नहीं कर पातीं। इसके कारण चक्कर आना, सांस फूलना, सिरदर्द और त्वचा का पीला पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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मुंह के छाले से लेकर प्रेग्नेंसी तक असर

फोलेट की कमी से ब्रेन फॉग, ध्यान लगाने में परेशानी, याददाश्त कमजोर होना और मूड में बदलाव जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। इसके अलावा मुंह में छाले, जीभ में सूजन और जलन भी इसके संकेत हो सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए फोलेट बेहद जरूरी है। इसकी कमी से बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हड्डी के विकास में समस्या का खतरा बढ़ सकता है।

फोलेट की कमी दूर करने के लिए पालक, मेथी, ब्रोकली, दालें, बीन्स, छोले, खट्टे फल, एवोकाडो, चुकंदर, साबुत अनाज, मेवे और सीड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। लगातार लक्षण रहने पर CBC, सीरम फोलेट, विटामिन B12 और होमोसिस्टीन जैसी जांच कराई जा सकती है।

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