Reliance Industries के मुनाफे में 22% की गिरावट, लेकिन रेवेन्यू में हुई 25% की बढ़ोतरी
Reliance Industries Q1 Results : भारत की सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार शाम वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंपनी के नतीजों में सालाना आधार पर शुद्ध मुनाफे में 22% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कंपनी का राजस्व 25% बढ़ा है।
तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर 2.50% की बढ़त के साथ 1,328.80 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का समेकित शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 26,994 करोड़ रुपये था।
एशियन पेंट्स हिस्सेदारी बिक्री से पिछले साल मिला था अतिरिक्त लाभ
कंपनी के मुनाफे में गिरावट की एक वजह पिछले साल का असाधारण लाभ भी बताया गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एशियन पेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बेची थी, जिससे कंपनी को एक असाधारण मद के कारण अतिरिक्त मुनाफा मिला था। इस वजह से इस साल के नतीजों की तुलना में सालाना आधार पर गिरावट दिखाई दे रही है।
हालांकि, कंपनी के परिचालन से मिलने वाले राजस्व में मजबूत बढ़ोतरी हुई है। जून तिमाही में कंपनी का राजस्व पिछले साल के 2.48 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 25% की वृद्धि है।
वहीं, कंपनी का EBITDA भी सालाना आधार पर 10% बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये पहुंच गया।
मुकेश अंबानी ने बताया सभी कारोबार का प्रदर्शन मजबूत
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत स्थिर प्रदर्शन के साथ की है। उन्होंने कहा कि कंपनी के सभी कारोबारों ने मजबूत परिचालन प्रदर्शन किया है।
अंबानी के अनुसार, कंपनी के अलग-अलग क्षेत्रों में फैले कारोबार पोर्टफोलियो ने लगातार भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिर कमोडिटी बाजार के बीच अपनी मजबूती दिखाई है।
पहली तिमाही में कंपनी का डेप्रिसिएशन सालाना आधार पर 9% बढ़कर 15,100 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि इसका मुख्य कारण 5G परिसंपत्तियों के पूंजीकरण और डिजिटल सेवाओं में अधिक मूल्यह्रास रहा।
वहीं, वित्तीय लागत भी सालाना आधार पर 18% बढ़कर 8,337 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के मुताबिक, इसकी वजह अधिक देनदारियां और 5G परिसंपत्तियों का पूंजीकरण है।
जून 2026 को समाप्त तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कैपिटल एक्सपेंडिचर 38,682 करोड़ रुपये यानी करीब 4.1 अरब डॉलर रहा। कंपनी ने कहा कि वह ऑयल टू केमिकल्स (O2C) और न्यू एनर्जी बिजनेस से जुड़ी परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है।

