मेदांता के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा! वांगचुक से मिलने नहीं दे रही पुलिस, धरने पर बैठे संजय सिंह

Sonam Wangchuk Row: दिल्ली में शिक्षा और छात्रों के मुद्दे को लेकर जारी सियासी टकराव अब गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल तक पहुंच गया है। शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने अस्पताल के भीतर जाने से रोक दिया। इसके बाद अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा हुआ और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह धरने पर बैठ गए।

विपक्ष का कहना है कि वे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जानने और भूख हड़ताल खत्म करने की अपील करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देकर उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

अस्पताल के बाहर पुलिस और सांसदों में तीखी बहस

मेदांता अस्पताल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज, राजद सांसद संजय यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे। सांसद लगातार पुलिस अधिकारियों से अस्पताल में प्रवेश की अनुमति मांगते रहे, लेकिन पुलिस ने साफ कहा कि फिलहाल सिर्फ परिजनों को ही मिलने की इजाजत है।

पुलिस ने यह भी कहा कि यदि अस्पताल प्रशासन अनुमति देगा, तभी अन्य लोग सोनम वांगचुक से मिल सकेंगे। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया।

‘प्राइवेट अस्पताल है, किस बात की परमिशन?’

पुलिस के रोकने पर संजय सिंह भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह कोई सरकारी परिसर नहीं बल्कि निजी अस्पताल है, ऐसे में मरीज से मिलने के लिए पुलिस की अनुमति क्यों ली जाए।

संजय सिंह ने कहा, “हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं। 55 सांसदों ने उन्हें अनशन खत्म करने की अपील वाला पत्र भेजा है। अगर हमें उनसे मिलने भी नहीं दिया जाएगा तो इसका क्या मतलब है? क्या सरकार चाहती है कि सोनम वांगचुक की तबीयत और बिगड़े?”

वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि जब तक उन्हें वांगचुक से मिलने नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अस्पताल के बाहर ही डटे रहेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अन्य नेताओं को पहले मुलाकात की अनुमति मिली थी तो विपक्षी सांसदों को क्यों रोका जा रहा है।

धरने पर बैठे सांसद, बढ़ी राजनीतिक हलचल

पुलिस से नोकझोंक के बाद संजय सिंह समेत कई विपक्षी सांसद अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों में बाधा डालने का आरोप लगाया।

उधर, पुलिस का कहना है कि अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही प्रवेश पर रोक लगाई गई है और फिलहाल केवल परिजनों को मिलने की अनुमति है।

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