ईरान परमाणु मुद्दे पर बोले डोनाल्ड ट्रंप, किसी कीमत पर नहीं बनने देंगे न्यूक्लियर वेपन

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि तेहरान कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर चौतरफा दबाव झेलने के बावजूद अब तक किसी ठोस परमाणु समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि बातचीत के टेबल पर ईरान लगातार अपने फैसले और शर्तें बदलता रहता है। हालांकि, उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अमेरिका का संकल्प अटल है और वह ईरान को हर हाल में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा।

चुनावी जनसभा से ईरान पर साधा निशाना

जॉर्जिया में एक चुनावी रैली जैसी सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने तेहरान के प्रति अपनी सरकार की सख्त सैन्य नीतियों का बचाव किया। उन्होंने इसे वैश्विक मंच पर अमेरिका की संप्रभुता और ताकत वापस स्थापित करने का जरिया बताया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर की वतन वापसी (‘डिग्निफाइड ट्रांसफर’ समारोह) का जिक्र करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। ट्रंप ने शहीद सैनिक लेफ्टिनेंट टायलर फीहान के परिजनों से मुलाकात की बात साझा की और उन्हें अपने साथ एयर फोर्स वन से यात्रा कराने का सम्मान दिया।

अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और होर्मुज पर बड़ा दावा

ट्रंप ने मध्य-पूर्व में जारी इस तनाव को अमेरिका के आर्थिक आधार से जोड़कर पेश किया। उन्होंने कहा कि ईरान संकट के बावजूद अमेरिका का शेयर बाजार 73 बार रिकॉर्ड ऊंचाई छू चुका है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार और रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा, आज अमेरिका और वेनेजुएला के पास दुनिया का लगभग 62 प्रतिशत तेल संसाधन मौजूद है। ऐसे में हमें तेल आपूर्ति के लिए होरमुज़ जैसे व्यस्त समुद्री मार्गों पर बहुत अधिक निर्भर रहने की मजबूरी नहीं है। लेकिन इसके बावजूद हम इस इलाके में सक्रिय हैं, क्योंकि ईरान का न्यूक्लियर पावर बनना पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी शासन पर अपनी ही जनता के खिलाफ हिंसक रुख अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ईरान में बीते एक साल के भीतर 52,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने दबाने का काम किया।

गौरतलब है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता यह तनाव न केवल वैश्विक ऊर्जा बाजार बल्कि भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों के लिए भी बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है।

Alos Read: UP: अब राशन की दुकान पर सिर्फ अनाज नहीं, मिलेगी कुर्सी, पानी और गुड़-पेठे की सुविधा

Get real time updates directly on you device, subscribe now.