लखनऊ में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना सेंटर पहुंचे ही 10 हजार से अधिक वाहनों को जारी हो गया फिटनेस सर्टिफिकेट
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बिजनौर क्षेत्र में स्थित एक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मेसर्स एफएस ट्रेडर्स द्वारा संचालित इस निजी एटीएस सेंटर से 10,056 वाहनों को बिना सेंटर आए ही फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। जब लखनऊ की दो गाड़ियों का बिना सेंटर पहुंचे ही फिटनेस पास होने का मामला सामने आया, तब इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। जांच में धांधली की पुष्टि होने पर परिवहन आयुक्त ने एटीएस का पंजीकरण तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया है। हालांकि, बिना जांच सड़कों पर दौड़ रहे ये 10 हजार से अधिक वाहन हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली परिक्षेत्र के उपपरिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने 23 अप्रैल को एटीएस सेंटर का औचक निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद एटीएस संचालक महफूज अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन असंतोषजनक उत्तर मिलने पर परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सेंटर का प्रमाणपत्र रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
झांसी और फिरोजाबाद के बाद तीसरा बड़ा एक्शन
उत्तर प्रदेश में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर शिकंजा कसने का यह पहला मामला नहीं है। बिजनौर से पहले झांसी के एटीएस में धांधली सामने आने पर 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जबकि फिरोजाबाद में भी अनियमितताओं के कारण एटीएस बंद किया जा चुका है। राजस्थान में तो एटीएस भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुके थे, जिसके चलते वहां कई सेंटरों पर ताला लटकाना पड़ा था।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ समेत 27 जिलों में अब तक 34 एटीएस स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से अकेले लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में दो सेंटर संचालित हो रहे हैं।
Also Read: गंगा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर पलटी अनियंत्रित डबल डेकर बस, 2 की मौत

