190 परमाणु बम और समंदर में ‘न्यूक्लियर कवच’! अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में भारत की बढ़ती ताकत पर खुलासा

Sandesh Wahak Desk: अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की नई रिपोर्ट में भारत की परमाणु क्षमता को लेकर बड़ा अनुमान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार हैं। आने वाले वर्षों में करीब 35 और वॉरहेड बनाए जा सकते हैं। इससे संख्या 225 तक पहुंचने का अनुमान है।

FAS के अनुसार 160 से ज्यादा मौजूदा मिसाइलों के लिए तैयार हैं, जबकि बाकी नई मिसाइलों के इस्तेमाल के लिए रखे गए हैं। 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार बनाने वाला प्लूटोनियम होने का अनुमान है। हालांकि FAS ने साफ किया है कि यह अनुमान है और वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन व रिजर्व सामग्री पर निर्भर करेगी।

अग्नि-V और परमाणु पनडुब्बियों पर जोर

रिपोर्ट में अग्नि-V के MIRV परीक्षण का भी जिक्र है। इस तकनीक में एक मिसाइल से कई वॉरहेड अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजे जा सकते हैं। 2024 के बाद मई 2026 में भी कई पेलोड के साथ परीक्षण हुआ। FAS का अनुमान है कि अग्नि-V तीन वॉरहेड ले जा सकती है, हालांकि इससे रेंज प्रभावित हो सकती है।

अप्रैल 2026 में 500 मेगावाट के PFBR ने पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की। FAS के मुताबिक 80% क्षमता पर यह सालाना करीब 140 किलो प्लूटोनियम-239 पैदा कर सकता है, जिससे करीब 35 वॉरहेड बनाए जा सकते हैं।

न्यूक्लियर ट्रायड हो रहा मजबूत

FAS के मुताबिक भारत जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता यानी न्यूक्लियर ट्रायड मजबूत कर रहा है। अप्रैल 2026 में तीसरी स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिधमान कमीशन हुई। इसमें 8 मिसाइल ट्यूब हैं। INS अरिसुदन को 2027 में कमीशन करने की योजना है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत की परमाणु नीति लंबे समय से पाकिस्तान केंद्रित रही है, लेकिन लंबी दूरी की मिसाइलों और समुद्री क्षमता के विस्तार से चीन पर भी फोकस बढ़ रहा है। भारत की घोषित नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ है। SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं, जिनमें 9,745 इस्तेमाल के लिए तैयार हैं।

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