CWG 2026: बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक पंच, रिकॉर्ड 7 गोल्ड के दम पर मेडल टैली के टॉप-4 में एंट्री
CWC 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। खासकर बॉक्सिंग (Boxing) में भारतीय मुक्केबाजों ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। इस बार भारत ने बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
सिर्फ बॉक्सिंग ही नहीं, जूडो (Judo), पैरा एथलेटिक्स (Para Athletics) और एथलेटिक्स (Athletics) में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इसी दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज यानी कुल 39 पदकों के साथ मेडल टैली (Medal Tally) में चौथे स्थान पर पहुंच गया। शनिवार का दिन भारत के लिए सबसे सफल रहा, जब एक ही दिन 16 पदक देश की झोली में आए।
CWC 2026: Boxing में भारत का ऐतिहासिक अभियान
भारत ने इस बार बॉक्सिंग में कुल 10 पदक (7 गोल्ड, 3 सिल्वर) जीतकर नया इतिहास रचा। यह राष्ट्रमंडल खेलों के किसी एक संस्करण में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन है।
स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज:
- मीनाक्षी हुड्डा – महिला 48 किग्रा
- प्रीति पवार – महिला 54 किग्रा
- जैस्मिन लंबोरिया – महिला 57 किग्रा
- प्रिया घंघास – महिला 65 किग्रा
- अरुंधति चौधरी – महिला 70 किग्रा
- साक्षी चौधरी – महिला 75 किग्रा
- सचिन सिवाच – पुरुष 60 किग्रा
रजत पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज:
- लवलीना बोरगोहेन – महिला 75 किग्रा
- जादूमणि – पुरुष 55 किग्रा
- नरेंद्र – पुरुष 90+ किग्रा
CWC 2026: दूसरे खेलों में भी चमका भारत
बॉक्सिंग के अलावा अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
- अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) और हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) ने जूडो में ऐतिहासिक गोल्ड जीते।
- सोमन राणा ने पैरा एथलेटिक्स के शॉट पुट F57 में स्वर्ण पदक जीता।
- शुभम जुयाल ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।
- ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर और सेल्वा प्रभु ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
- उन्नति शर्मा ने जूडो में ब्रॉन्ज जीतकर भारत के पदक अभियान को और मजबूत किया।
भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन दिखाता है कि CWC 2026 में टीम इंडिया कई खेलों में लगातार अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही है। खासकर Boxing में बने 7 गोल्ड के रिकॉर्ड ने भारतीय मुक्केबाजी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। अगर यही लय बरकरार रही तो भारत के लिए इस संस्करण में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करना भी संभव माना जा रहा है।

