इंस्टाग्राम पर प्यार का झांसा, फर्जी पुलिस दफ्तर में रेड का डर, मेरठ में Honey Trap Gang का भंडाफोड़
Meerut News: मेरठ पुलिस ने एक ऐसे हनीट्रैप गैंग (Honey Trap Gang) का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया खासकर इंस्टाग्राम के जरिए युवकों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली करता था। गिरोह के सदस्य पहले लड़की बनकर फर्जी प्रोफाइल से दोस्ती करते, फिर अश्लील चैट और वीडियो कॉल के जरिए शिकार को फंसाते थे। इसके बाद उसे एक फर्जी पुलिस कार्यालय में बुलाकर मुकदमे, जेल और एनकाउंटर का डर दिखाकर ब्लैकमेल किया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
रिठानी निवासी नीरज पाल ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि शशांक शर्मा, राहुल, आकाश और उनके अन्य साथियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनसे 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोपियों ने दबाव बनाकर 10 हजार रुपये ऑनलाइन भी ट्रांसफर करा लिए।
जांच के बाद पुलिस ने राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और ब्लैकमेलिंग से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई है।
फर्जी पुलिस दफ्तर बनाकर करते थे वसूली
पूछताछ में सामने आया कि इस Honey Trap Gang ने मोहकमपुर इलाके में पुलिस चौकी जैसा दिखने वाला एक फर्जी कार्यालय तैयार कर रखा था। वहां क्राइम रजिस्टर, FIR रजिस्टर, नेम प्लेट, मोहर और अन्य सामान रखा गया था, ताकि आने वाले लोगों को असली पुलिस दफ्तर का भ्रम हो।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर प्लेट की कार, अतिरिक्त नंबर प्लेट, मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य सामान भी बरामद किया है।
ऐसे फंसाते थे युवकों को
पुलिस के अनुसार, गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। पहले वे इंस्टाग्राम पर लड़की बनकर फर्जी प्रोफाइल से दोस्ती करते है, उसके बाद अश्लील चैट और वीडियो कॉल के जरिए भरोसा जीता जाता था। उसके बाद मिलने के बहाने फर्जी पुलिस कार्यालय बुलाया जाता था। जब पीड़ित कार्यालय पहुंचता था तो गिरोह के व्यक्ति खुद को खुद को सीओ, दरोगा और सिपाही बताकर डरते थे।
उसके बाद मुकदमा दर्ज करने, जेल भेजने या एनकाउंटर की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे।
नेताओं-अधिकारियों के साथ तस्वीरें भी वायरल
गिरफ्तार आरोपी राहुल पाल की सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह कथित तौर पर कुछ नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल इन तस्वीरों के आधार पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं कर रही है।
पुलिस क्या बोली?

एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला फर्जी पुलिस चौकी चलाने का नहीं, बल्कि हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट (Honey Trap & Blackmail Racket) का है।
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