सड़कें डूबीं, घरों में घुसा पानी… प्रयागराज में स्मार्ट सिटी के दावे फेल, अगले 2 दिन बाढ़ को लेकर अलर्ट
Prayagraj Flood Crisis: संगम नगरी प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था (Drainage System) की पोल खोल दी है। महज दो-तीन दिन की बारिश के बाद जॉर्ज टाउन (George Town) समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों और गलियों में पानी भरने के साथ कई घरों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंच गया है। करेली, अल्लापुर, निरंजन पार्क, स्टेशन रोड, खुल्दाबाद और तिलियरगंज में भी जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जॉर्ज टाउन जैसे पॉश इलाके में भी हालात खराब हैं। पानी निकालने के लिए नगर निगम की ओर से पंपसेट लगाए गए, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बावजूद पानी पूरी तरह नहीं निकल सका। सोमवार को कुछ जगहों पर कमर तक पानी भरने की बात सामने आई। कई घरों में पानी घुस गया, जबकि प्रभावित इलाकों में स्कूल-कॉलेज भी बंद करने पड़े हैं।
CMP कॉलेज में भी पानी
जॉर्ज टाउन निवासी संतोष वर्मा के मुताबिक, कॉलोनी में तीन दिन से पानी भरा हुआ है। बुधवार को बारिश नहीं होने के बावजूद पानी पूरी तरह नहीं निकल पाया। उन्होंने जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शहर को स्मार्ट सिटी (Smart City) कहा जाता है तो ऐसी स्थिति क्यों बन रही है। उनका दावा है कि जॉर्ज टाउन की सड़क करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनी थी, इसके बावजूद बारिश में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
जॉर्ज टाउन के पास स्थित CMP डिग्री कॉलेज परिसर में भी पानी भर गया है। हालात को देखते हुए कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया गया। छात्रों के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से बारिश के दौरान कॉलेज में इसी तरह जलभराव होता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है।
जलभराव के बीच जॉर्ज टाउन में ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज बॉक्स खुला मिलने से बिजली हादसे की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पानी की निकासी के साथ बिजली के खुले उपकरणों को सुरक्षित कराने की मांग की है।
स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल, हाईकोर्ट भी नाराज
कुंभ (Kumbh) के दौरान Prayagraj में इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम हुए थे। ऐसे में बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने विकास और स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सड़क और नालियों का काम बेहतर तरीके से हुआ होता तो कुछ दिनों की बारिश में इतने बड़े इलाके में पानी नहीं भरता।
जलभराव का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने शहर में जलभराव की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
गंगा-यमुना का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा

Prayagraj Flood Crisis: शहर में जलभराव के बीच संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रशासन के अलर्ट के बाद संगम क्षेत्र के दुकानदार सामान और तंबू समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। फिलहाल प्रमुख तटबंध सुरक्षित बताए जा रहे हैं और जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ोतरी से निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) की बुधवार शाम 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच नैनी में यमुना का जलस्तर 21 सेंटीमीटर, छतनाग में गंगा 16 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा 8 सेंटीमीटर बढ़ी।
नैनी में यमुना का जलस्तर 79.68 मीटर से बढ़कर 79.89 मीटर, फाफामऊ में गंगा 80.31 से बढ़कर 80.39 मीटर और छतनाग में गंगा 79.31 से बढ़कर 79.47 मीटर पहुंच गई। बक्शी बांध स्थित एसटीपी (STP) पर भी जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
अगले दो दिनों में बढ़ सकता है पानी
फिलहाल प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर 84.734 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है और तटबंध सुरक्षित हैं। हालांकि लगातार बारिश और ऊपर से आने वाले पानी के कारण अगले दो दिनों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने संगम और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं शहर के जलमग्न इलाकों से पानी निकालना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

