चित्रकूट में बाढ़ का पानी घटा तो सामने आई तबाही, 16 गांव प्रभावित, 700 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
Chitrakoot Flood: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी अब धीरे-धीरे घट रहा है। हालांकि, बाढ़ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। जिले के करीब 16 गांव प्रभावित हुए हैं। अब तक 700 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पानी उतरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सफाई की बड़ी चुनौती है। कई घरों में करीब 5 फीट तक कीचड़ और मलबा जमा है। फ्रिज, कूलर और दूसरे सामान खराब हो गए हैं। सड़कों पर भी जगह-जगह कचरा फैला है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटे मिले हैं।
रामघाट का पुल टूटा, मूर्ति भी क्षतिग्रस्त
बाढ़ के तेज बहाव ने रामघाट इलाके में भी भारी नुकसान किया। यहां का पुल टूटकर मंदाकिनी नदी में गिर गया। संत तुलसीदास की मूर्ति भी बाढ़ की चपेट में आई। मूर्ति का कंधे के ऊपर का हिस्सा बह गया।
बाढ़ के दौरान प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। दो हेलिकॉप्टर और SDRF की मदद से करीब 50 लोगों को बचाया गया। गोबरिया गांव में 12 लोग करीब चार घंटे तक पीपल के पेड़ पर फंसे रहे। टीम ने सभी को सुरक्षित निकाला। SDRF ने घरों में फंसे बच्चों को भी सुरक्षित बाहर निकाला।
यमुना किनारे भी बढ़ी निगरानी
लगातार बारिश और मध्य प्रदेश के बरगी डैम से पानी छोड़े जाने के बाद मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। कई इलाकों में पानी घरों की पहली मंजिल तक पहुंच गया था। लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हुए थे।
अब मंदाकिनी के बाद यमुना किनारे बसे गांवों पर भी प्रशासन नजर रख रहा है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तरौहां समेत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने राहत टीमों को निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग और प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित दुकानदार भी अपना सामान सुरक्षित करने में जुटे हैं।

