Agra News: बिना मान्यता चल रहे 58 स्कूलों पर बीएसए ने लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्माना
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की धज्जियां उड़ाकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अवैध स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा शिकंजा कसा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राकेश सिंह ने बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रहे 58 विद्यालयों पर एक-एक लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही इन सभी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई से शिक्षा माफियाओं और अवैध स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
नोटिस का जवाब न मिलने पर गिरी गाज
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले भर में चलाए गए जांच अभियान के दौरान जैतपुर कलां, पिनाहट, शमसाबाद, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, बाह और आगरा नगर क्षेत्र सहित विभिन्न ब्लॉकों में दर्जनों स्कूल बिना किसी मान्यता के चलते पाए गए थे। खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने इन स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर साक्ष्य और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। कई संचालकों ने समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं दिया, जबकि कुछ के स्पष्टीकरण पूरी तरह असंतोषजनक पाए गए। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों की संस्तुति पर बीएसए ने जुर्माने का आदेश जारी कर दिया।
नियम तोड़ने पर एफआईआर की चेतावनी
बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा 18(5) और उत्तर प्रदेश RTE नियमावली-2011 के तहत बिना मान्यता के स्कूल स्थापित या संचालित करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। यदि जुर्माना लगाने के बाद भी इन विद्यालयों का संचालन जारी रहता है, तो नियम उल्लंघन के एवज में प्रतिदिन 10,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। आदेश का उल्लंघन कर जबरन स्कूल चलाने वाले प्रबंधकों और संचालकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंग्रेजी माध्यम चलाने वाले 73 मदरसों को भी नोटिस जारी
58 स्कूलों पर गाज गिराने के साथ-साथ बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के ऐसे 73 मदरसों को भी चिन्हित कर नोटिस थमाया है, जो बिना किसी विभागीय अनुमति के अंग्रेजी मीडियम की कक्षाएं चला रहे हैं। बीएसए ने सभी संबंधित मदरसों के प्रबंधकों से तीन दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ जवाब मांगा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर इन मदरसों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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