बिहार में हर महीने के चौथे मंगलवार को लगेगी चौपाल, 30 दिनों में होगा छात्र समस्याओं का समाधान
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित निवारण करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मंगलवार को बिदुपुर स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के अंतर्गत ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस व्यवस्था के तहत अब हर महीने के चौथे मंगलवार को राज्य के शिक्षण संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पठन-पाठन, परीक्षा, हॉस्टल, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों व सुझावों पर सीधी सुनवाई होगी। सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी शिकायत का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि छात्रों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
छात्रों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया गया है, जिसके जरिए विद्यार्थी घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं और अपनी अर्जी का स्टेटस भी ट्रैक कर सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान राज्य में तकनीकी शिक्षा की सुलभता पर जोर देते हुए कहा गया कि बिहार देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां मात्र 10 रुपये की फीस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है।
कॉलेजों में खुलेंगे जन औषधि केंद्र, वाई-फाई और स्थायी हॉस्टल के निर्देश
कार्यक्रम में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (वैशाली) के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया गया। छात्रों की मांग और सुझावों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए। इंजीनियरिंग कॉलेजों में हाई-स्पीड वाई-फाई, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जब तक स्थायी छात्रावास का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक छात्रों के रहने के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था की जाएगी।
छात्रों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों के पास ‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ खोले जाएंगे। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए जाने वाले इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स और नए विचारों को राज्य की स्टार्टअप नीति से जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों के सुझावों का उपयोग नीति-निर्माण में भी किया जा सके। समारोह के दौरान परिसर के प्रशासनिक व शैक्षणिक भवन, लैब्स, स्टार्टअप सेल, एंटरप्रेन्योरशिप सेल, क्लासरूम्स और सेमिनार हॉल का निरीक्षण किया गया तथा छात्रों से सीधे बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
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