खतरनाक साबित हो सकती है बच्चों में खून की कमी, ऐसे करें पहचान
Sandesh Wahak Digital Desk: बड़ों की तरह ही छोटे बच्चों में भी खून की कमी (Anaemia) यानी एनीमिया की समस्या देखने को मिलती है, जो कई बार गंभीर रूप ले सकती है। यह स्थिति बच्चे के शरीर पर गहरा असर डालती है और समय पर पहचान न होने पर खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, यदि इसके लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इलाज आसान हो जाता है, लेकिन लापरवाही करने पर यह स्थिति और बिगड़ सकती है और कुछ मामलों में जान का खतरा भी बन सकता है।
आयरन की कमी और खराब पोषण
दरअसल बच्चों में एनीमिया का सबसे बड़ा कारण आयरन की कमी होता है। इसके अलावा खराब पोषण और बार-बार होने वाले इंफेक्शन भी इसकी वजह बन सकते हैं। जो बच्चे जन्म के बाद सही डाइट नहीं लेते या जिनमें ब्लड से जुड़ी कोई जेनेटिक समस्या होती है, उनमें भी खून की कमी होने का खतरा अधिक रहता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों में एनीमिया के कई स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं। यदि बच्चा बिना ज्यादा गतिविधि के भी लगातार थका हुआ महसूस करता है या कमजोरी नजर आती है, तो यह खून की कमी का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही त्वचा और नाखूनों का पीला पड़ना भी एक अहम लक्षण है। हल्की एक्टिविटी में ही सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज होना भी एनीमिया की ओर इशारा करता है। कुछ मामलों में इसका असर बच्चे की भूख पर भी पड़ता है और बच्चा कम खाने लगता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
समय रहते बचाव और देखभाल है जरूरी
बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए उनके खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भोजन में हरी सब्जियां और दाल शामिल करना जरूरी है, जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन की दवाएं देना भी फायदेमंद होता है। यदि किसी प्रकार की जेनेटिक समस्या की आशंका हो तो समय पर जांच कराना जरूरी है। इसके साथ ही बच्चे की संपूर्ण सेहत का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है, ताकि वह स्वस्थ और सुरक्षित रह सके।
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