संदीप यादव हत्याकांड में इंसाफ के लिए सीएम योगी के जनता दर्शन में पहुंचे पीड़ित पिता, जांच के निर्देश
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद अंतर्गत लोटन कोतवाली क्षेत्र के धरनिहवा गांव (टोला कोल्हुआ) का बहुचर्चित संदीप यादव हत्याकांड अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में पहुंच गया है। भूमि विवाद के चलते हुई इस क्रूर हत्या के मामले में न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित पिता शिवमूरत यादव ने लखनऊ में मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और मंडलायुक्त (कमिश्नर) बस्ती मंडल, अखिलेश सिंह को मामले की निष्पक्ष जांच कराने का कड़ा निर्देश दिया है।
पुलिस और प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री को सौंपे गए शिकायती पत्र में पीड़ित पिता शिवमूरत यादव ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के रवैये पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि नामजद हत्यारे और अभियुक्त अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों और पुलिस द्वारा आरोपियों को बचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है और उनकी रजिस्ट्री शुदा जमीन पर अब भी दबंगों का अवैध कब्जा बरकरार है।

हत्याकांड और जांच से जुड़े मुख्य बिंदु
मृतक: संदीप यादव (पिता शिवमूरत यादव), निवासी- कोल्हुआ, लोटन।
विवाद की वजह: मां के नाम खरीदी गई डेढ़ मण्डी जमीन का पुराना विवाद।
जांच टीम: एडीएम गौरव श्रीवास्तव और एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद।
समय सीमा: मंडलायुक्त ने दो दिनों के भीतर मांगी है विस्तृत आख्या (रिपोर्ट)।
लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा था दम
पीड़ित पिता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पुत्र संदीप यादव ने अपनी मां के नाम से गांव में डेढ़ मण्डी जमीन खरीदी थी, जिसे लेकर पिछले चार महीनों से कुछ स्थानीय लोगों से विवाद चल रहा था। बीते 24 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने साजिश के तहत संदीप यादव को एक कमरे में बंद कर दिया और लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की।
इस हमले में संदीप को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। पुलिस ने शुरुआती दौर में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढिलाई बरतती रही। सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने संदीप की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
एडीएम और एएसपी ने गांव पहुंचकर की पड़ताल
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया है। मंडलायुक्त बस्ती के निर्देश पर एडीएम सिद्धार्थनगर गौरव श्रीवास्तव और एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद की संयुक्त विशेष टीम जांच के लिए सीधे कोल्हुआ गांव पहुंची।
अधिकारियों की टीम ने घटनास्थल और विवादित भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच टीम ने पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए और ग्रामीणों से भी घटना के संबंध में गुप्त पूछताछ की। एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि मंडलायुक्त के आदेशानुसार पूरे घटनाक्रम, जमीन के कागजातों और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की गई है। इस संयुक्त जांच की विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) दो दिनों के भीतर मंडलायुक्त को सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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