चंद सेकंड में बहा पुल, ताश के पत्तों की तरह गिरे घर… देखें नेपाल की तबाही का खौफनाक Video
Nepal Flash Flood Disaster: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी। रासुवा (Rasuwa) जिले के टिमुरे (Timure) और स्याब्रुबेसी समेत कई इलाकों में अचानक बढ़े भोटेकोशी नदी (Bhotekoshi River) के पानी ने घरों, बाजारों, पुलों, सड़कों और बिजली परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बाढ़ की रफ्तार और तबाही का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है।
शुरुआती रिपोर्टों में 7-8 मौतों की जानकारी सामने आई थी, लेकिन राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों का आंकड़ा बढ़ा है। काठमांडू पोस्ट की शाम की रिपोर्ट के मुताबिक, रासुवा और आसपास के इलाकों में 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।
चंद सेकंड में बह गया पुल, घर भी पानी में समाए
बाढ़ के बाद सामने आए वीडियो (Nepal Flood Videos) में तेज बहाव के बीच पुल और दूसरी संरचनाएं टूटकर बहती दिखाई दे रही हैं। कई जगहों पर पानी और मलबे के तेज बहाव ने घरों और दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचाया। रासुवा में करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें स्याफ्रुबेसी, बेट्रावती, मैलुंग, शांतिबाजार और आसपास के इलाके शामिल हैं।
Nepal में Flash Flood ने नेपाल-चीन सीमा (Nepal-China Border) के पास भी भारी नुकसान पहुंचाया है। सड़क और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। अधिकारियों ने भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
384 यात्री लापता, 105 भारतीय भी शामिल
इस हादसे का सबसे चिंताजनक पहलू बड़ी संख्या में लोगों का लापता होना है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड (Nepal Tourism Board) से जुड़े आंकड़ों के अनुसार करीब 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय (Indian Nationals) और 37 NRI बताए गए हैं। कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) के लिए इस इलाके से गुजर रहे थे।
इसके अलावा नेपाल पुलिसऔर आर्म्ड पुलिस फोर्स के 32 सुरक्षाकर्मी भी टिमुरे में संपर्क से बाहर बताए गए हैं। वहीं एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 60 लोग भी लापता हैं।
430 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित
बाढ़ (Nepal Flash Flood) ने नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और बिजली से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है।
नेपाल की सेना और पुलिस ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। नेपाली सेना के मुताबिक 25 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और राहत-बचाव के लिए 14 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है।
बाढ़ की वजह क्या बताई जा रही है?
बाढ़ की वजह को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग बातें सामने आई हैं। कुछ अधिकारियों ने भूकंप के बाद भूस्खलन की संभावना जताई, जबकि विशेषज्ञों ने आइस-रॉक एवलॉन्च से नदी के रास्ते में अचानक रुकावट बनने और उसके बाद पानी के तेज बहाव की संभावना बताई है। फिलहाल आपदा के सटीक कारण और नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है।
नेपाल में हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

